
दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक और छात्र आत्महत्या के मामलों को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन समाप्त हो गया है। प्रदर्शन खत्म होने के बाद पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि संगठन जल्द ही अपनी अगली रणनीति का ऐलान करेगा। उन्होंने छात्रों पर दर्ज FIR के मुद्दे पर सरकार से बातचीत जारी होने की भी जानकारी दी। यह CJP का दावा है।
प्रदर्शन खत्म होने के बाद क्या बोले अभिजीत दीपके?
अभिजीत दीपके ने कहा कि जंतर-मंतर पर चला आंदोलन समाप्त हो चुका है और अब संगठन जल्द ही अपनी आगामी रणनीति सार्वजनिक करेगा। उन्होंने कहा, “प्रदर्शन अभी समाप्त हुआ है, हमें थोड़ा समय दें। हम जल्द ही आगे की रणनीति बताएंगे।” यह उनका सार्वजनिक बयान है।
FIR और सरकार से बातचीत का दावा
दीपके ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर दर्ज मामलों को लेकर CJP और सरकार के बीच बातचीत जारी है। उनका कहना है कि किसी भी छात्र के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं होना चाहिए। यह CJP की मांग और उसका दावा है।

पंजाब के कथित पेपर लीक पर भी होगी रणनीति
अभिजीत दीपके ने कहा कि पंजाब में कथित पेपर लीक के मुद्दे पर भी संगठन जल्द निर्णय लेगा और इस संबंध में योजना तैयार की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि रविवार को उन्होंने वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल से मुलाकात की। हालांकि, मुलाकात के उद्देश्य को लेकर विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई।
मनीष सिसोदिया ने आरोपों को बताया प्रोपेगेंडा
आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया ने पंजाब में पेपर लीक के आरोपों को भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस का “प्रोपेगेंडा” बताया। उन्होंने दावा किया कि पिछले साढ़े चार वर्षों में पंजाब में कोई पेपर लीक नहीं हुआ। उनके अनुसार, जिस घटना का उल्लेख किया जा रहा है, वह कथित तौर पर परीक्षा के दौरान ब्लूटूथ पेन के जरिए नकल का प्रयास था, जिसे समय रहते पकड़ लिया गया। यह मनीष सिसोदिया का बयान है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी रखा पक्ष
इससे पहले पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी कहा था कि राज्य में पिछले साढ़े चार वर्षों में कोई पेपर लीक नहीं हुआ है। उनके अनुसार, दो मामलों में ब्लूटूथ पेन के जरिए कथित नकल की कोशिश हुई थी, जिसे परीक्षा शुरू होने के कुछ ही समय बाद पकड़ लिया गया। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में शामिल 21 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। यह मुख्यमंत्री भगवंत मान का बयान है।
जंतर-मंतर पर CJP का आंदोलन समाप्त होने के बाद अब संगठन अपनी अगली रणनीति तैयार कर रहा है। दूसरी ओर, पंजाब में पेपर लीक को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। मामले से जुड़े विभिन्न पक्ष अपने-अपने दावे कर रहे हैं, जबकि संबंधित मुद्दों पर आगे की कार्रवाई और आधिकारिक प्रक्रियाओं पर सभी की नजर बनी हुई है।
