
पेपर लीक और NEET में कथित अव्यवस्थाओं के मुद्दे पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद आम आदमी पार्टी ने अब E20 ईंधन नीति को लेकर अपना अभियान तेज कर दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने 1 अगस्त को “नेशनल टाउनहॉल अगेंस्ट E20” आयोजित करने का ऐलान किया है। यह आम आदमी पार्टी की घोषणा है।
E20 मुद्दे पर लोगों से एकजुट होने की अपील
अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि देश के युवाओं की एकजुट आवाज़ के कारण धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। उन्होंने कहा कि E20 के मुद्दे पर भी लोगों को एक साथ आवाज़ उठानी होगी और अधिक से अधिक लोगों से टाउनहॉल में शामिल होने की अपील की। यह उनका सार्वजनिक बयान है।
1 अगस्त को होगा नेशनल टाउनहॉल
केजरीवाल ने बताया कि “नेशनल टाउनहॉल अगेंस्ट E20” का आयोजन 1 अगस्त 2026 को सुबह 11:30 बजे दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में लोग अपनी राय रख सकेंगे और जो लोग दिल्ली नहीं आ सकते, वे ऑनलाइन भी इसमें शामिल हो सकेंगे। यह कार्यक्रम आम आदमी पार्टी द्वारा आयोजित किया जा रहा है।

वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री से की अपील
करीब 1 मिनट 40 सेकंड के वीडियो संदेश में अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से E20 से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने का आग्रह किया। उन्होंने दावा किया कि E20 के कारण लोगों की गाड़ियों पर असर पड़ रहा है और माइलेज भी प्रभावित हो रहा है। यह अरविंद केजरीवाल का दावा है।
ऑनलाइन जुड़ने के लिए जारी किया व्हाट्सएप नंबर
आम आदमी पार्टी के संयोजक ने ऑनलाइन भागीदारी के लिए 8588833212 व्हाट्सएप नंबर भी जारी किया। उन्होंने कहा कि इच्छुक लोग इस नंबर पर संदेश भेज सकते हैं, जिसके बाद कार्यक्रम से एक दिन पहले ऑनलाइन जुड़ने का लिंक साझा किया जाएगा। यह पार्टी की ओर से दी गई जानकारी है।
E20 को लेकर बढ़ेगी राजनीतिक बहस
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद E20 मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी ने इसे नया राजनीतिक अभियान बनाने के संकेत दिए हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच बहस तेज होने की संभावना है।
आम आदमी पार्टी ने E20 को लेकर जनभागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्तर पर टाउनहॉल आयोजित करने की घोषणा की है। वहीं, E20 नीति को लेकर पार्टी द्वारा उठाए गए सवाल और सरकार का पक्ष आने वाले समय में राजनीतिक चर्चा का महत्वपूर्ण विषय बने रह सकते हैं।
