
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मोहाली में मीडिया से बातचीत के दौरान बेअदबी विवाद को लेकर अपनी चुप्पी तोड़ी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल तीनों मिलकर उन्हें राजनीतिक और धार्मिक रूप से बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके मुताबिक विपक्ष चुनावी मुकाबले में असफल रहने के बाद अब इस तरह के हथकंडे अपना रहा है।
‘फर्जी वीडियो से बदनाम करने की साजिश’
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल किया जा रहा है, वह पूरी तरह फर्जी है। उन्होंने कहा कि इस वीडियो का उद्देश्य केवल उनकी छवि खराब करना और राजनीतिक लाभ उठाना है। भगवंत मान ने कहा कि वीडियो की निष्पक्ष जांच कराई जाए, क्योंकि उसमें दिखाई देने वाला व्यक्ति वह नहीं हैं।

अपने दावे के समर्थन में दिए तर्क
भगवंत मान ने कहा कि उनके गले पर बचपन से एक स्थायी निशान है, जबकि वायरल वीडियो में ऐसा कोई निशान दिखाई नहीं देता। उन्होंने यह भी कहा कि वीडियो में मौजूद व्यक्ति ने चश्मा पहन रखा है और कई अन्य बातें भी उनकी पहचान से मेल नहीं खातीं। मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि वह नवंबर 2016 के बाद कनाडा नहीं गए, जबकि वीडियो को लेकर अलग तरह के दावे किए जा रहे हैं।
अकाल तख्त के प्रति जताया सम्मान
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह श्री अकाल तख्त साहिब का पूरा सम्मान करते हैं और उसके सभी फैसलों एवं मर्यादाओं का आदर करते हैं। उन्होंने कहा कि विवादित वीडियो को भी अकाल तख्त साहिब के पास भेजा जाएगा ताकि उसकी निष्पक्ष जांच हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि धर्म का राजनीतिक इस्तेमाल किसी भी स्थिति में उचित नहीं है।
विपक्ष पर साधा राजनीतिक निशाना
भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार ने पंजाब के लोगों के लिए जितने विकास कार्य किए हैं, उतने पिछले कई वर्षों में नहीं हुए। उनका आरोप है कि विपक्ष के पास सरकार के कामकाज पर सवाल उठाने के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए उन्हें धार्मिक विवादों में घसीटने की कोशिश की जा रही है।
