
लोक निर्माण विभाग (PWD) में कार्यरत अभियंताओं के लिए जल्द ही तबादला और नियुक्ति प्रक्रिया में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। विभाग एक ऐसी ऑनलाइन ट्रांसफर और पोस्टिंग (OTP) प्रणाली लागू करने की तैयारी कर रहा है, जिसके जरिए अधिकारियों और अभियंताओं के तबादलों को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया जा सकेगा। इस नई व्यवस्था से लंबे समय से चली आ रही सिफारिशों और प्रभाव के इस्तेमाल की संस्कृति पर रोक लगने की उम्मीद जताई जा रही है।
ऑनलाइन प्रणाली से होगी शुरुआत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विभाग सबसे पहले अधिशासी अभियंताओं की सूची तैयार कर ऑनलाइन तबादला प्रक्रिया की शुरुआत करेगा। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से अन्य स्तरों के अभियंताओं को भी इस व्यवस्था के दायरे में लाया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इससे मानव हस्तक्षेप कम होगा और निर्णय अधिक निष्पक्ष तरीके से लिए जा सकेंगे।
सिफारिश संस्कृति पर लगेगा अंकुश
PWD में लंबे समय से यह शिकायत सामने आती रही है कि कई अभियंता अपनी पसंद की पोस्टिंग पाने के लिए राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर सिफारिशों का सहारा लेते हैं। नई डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य इसी प्रवृत्ति को समाप्त करना है। विभाग का मानना है कि पारदर्शी प्रक्रिया से कर्मचारियों के बीच विश्वास और कार्य संतुष्टि दोनों बढ़ेंगी।

1200 से अधिक अभियंता हैं कार्यरत
वर्तमान में केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत दिल्ली में 1200 से अधिक अभियंता कार्यरत हैं। इनमें से बड़ी संख्या ऐसे अधिकारियों की है जो दिल्ली में अपनी पोस्टिंग बनाए रखने की कोशिश करते हैं। राजधानी में पदस्थापना को लेकर बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण तबादला प्रक्रिया अक्सर चर्चा का विषय बनी रहती है।
पहले भी जारी हो चुके हैं सख्त निर्देश
पिछले वर्ष विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट निर्देश जारी किए थे कि यदि कोई अभियंता सिफारिश के माध्यम से तबादला कराने का प्रयास करता पाया गया तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके बावजूद समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं हो सकी थी।
तय अवधि के बाद होता है तबादला
नियमों के अनुसार कोई अभियंता केंद्रीय लोक निर्माण विभाग और दिल्ली लोक निर्माण विभाग में मिलाकर अधिकतम छह वर्ष तक दिल्ली स्टेशन पर कार्य कर सकता है। हालांकि दूसरे राज्यों से आने वाले अधिकारियों की संख्या के आधार पर कई बार अभियंताओं का तबादला निर्धारित अवधि पूरी होने से पहले भी कर दिया जाता है।
