
Raghav Chadha ने ऑपरेशन सिंदूर की पहली बरसी पर अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से एक वीडियो जारी कर देश और पाकिस्तान को लेकर बड़ा संदेश दिया। वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में इसकी चर्चा तेज हो गई। अपने संबोधन में राघव चड्ढा ने कहा कि दोस्त बदले जा सकते हैं लेकिन पड़ोसी नहीं और जब पड़ोसी पाकिस्तान जैसा हो तो उसे सुधारने के लिए कठोर कदम उठाना जरूरी हो जाता है। उन्होंने कहा कि भारत अब केवल पाकिस्तान के खिलाफ नहीं बल्कि आतंकवाद और क्रूर मानसिकता के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है। चड्ढा ने भारतीय सेना की वीरता और शौर्य की खुलकर सराहना करते हुए कहा कि इस बार आतंकवाद का पूरी तरह सफाया होकर रहेगा। उन्होंने अपने बयान में पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वह नहीं सुधरा तो वह दिन दूर नहीं जब “काशी से लेकर इस्लामाबाद तक गंगा बहेगी।” उनके इस बयान ने राजनीतिक माहौल को और ज्यादा गर्म कर दिया है।
सेना की ताकत और पाकिस्तान को खुली चेतावनी
राघव चड्ढा ने अपने वीडियो संदेश में भारतीय सेना की कार्रवाई को लेकर गर्व जताया और कहा कि देश की सेना हर मोर्चे पर मजबूती के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि भारत का सिद्धांत हमेशा साफ रहा है कि हम किसी को पहले छेड़ते नहीं लेकिन अगर कोई देश भारत की सुरक्षा और नागरिकों पर हमला करेगा तो उसे छोड़ा भी नहीं जाएगा। चड्ढा ने कहा कि 22 अप्रैल 2025 को Pahalgam में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था। उन्होंने उस हमले को मानवता पर कलंक बताया जिसमें निर्दोष लोगों की जान गई थी। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए आतंकियों को करारा जवाब दिया और पाकिस्तान को यह अहसास कराया कि भारत अब हर हमले का जवाब उसी की भाषा में देगा। चड्ढा ने दावा किया कि भारतीय मिसाइलें और एयर डिफेंस सिस्टम पाकिस्तान की मिसाइलों और ड्रोन्स को नाकाम कर रहे हैं और दुनिया भारतीय सेना की ताकत को देख रही है।

आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का दावा
अपने संबोधन में राघव चड्ढा ने पुराने आतंकी हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने हमेशा आतंकवाद का दर्द झेला है। उन्होंने 2008 Mumbai Attacks से लेकर 2001 Indian Parliament attack और पुलवामा तथा उरी हमलों तक कई घटनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन हमलों में देश ने अपने सैकड़ों निर्दोष नागरिक और जवान खोए हैं। चड्ढा ने कहा कि अब भारतीय सेना केवल आतंकवादियों को ही नहीं बल्कि उनकी नफरत की मानसिकता को भी खत्म करने के लिए पूरी ताकत से जुटी हुई है। उन्होंने देशवासियों से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि ऐसे समय में देश की ताकत बनना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब पूरा देश सेना के साथ खड़ा होता है तब दुश्मन की हर साजिश कमजोर पड़ जाती है। उनका यह बयान राष्ट्रवाद और सुरक्षा के मुद्दे पर मजबूत संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
क्या है ऑपरेशन सिंदूर और कैसे बढ़ा भारत पाकिस्तान तनाव
ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत सात मई 2025 को भारत द्वारा की गई थी। यह कार्रवाई पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू हुई थी जिसमें 26 लोगों की मौत हो गई थी और इनमें अधिकतर पर्यटक शामिल थे। भारतीय सेना ने इस अभियान के तहत Pakistan Occupied Kashmir और पाकिस्तान के भीतर मौजूद नौ आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किए थे। इस सैन्य कार्रवाई के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ गया था। पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई की कोशिश की लेकिन भारतीय सेना ने अधिकतर हमलों को विफल कर दिया। बाद में दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच हॉटलाइन पर बातचीत हुई और 10 मई को सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी। इसके बाद संघर्ष विराम लागू किया गया। ऑपरेशन सिंदूर को भारत की आतंकवाद विरोधी बड़ी सैन्य कार्रवाई के रूप में देखा गया और अब इसकी पहली बरसी पर राघव चड्ढा के बयान ने इसे फिर से राष्ट्रीय चर्चा का विषय बना दिया है।
