
पश्चिम बंगाल में पहले चरण की वोटिंग के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दूसरे चरण के लिए चुनाव प्रचार को तेज कर दिया है। 29 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले उन्होंने कृष्णनगर में एक बड़ी जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि उन्होंने बंगाल की प्रसिद्ध झालमुड़ी खाई लेकिन झटका तृणमूल कांग्रेस को लगा। उन्होंने 4 मई को जीत के बाद मिठाई और झालमुड़ी बांटने की बात कही। पीएम मोदी ने दावा किया कि इस बार बंगाल का चुनाव जनता खुद लड़ रही है और भारी मतदान भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में जा रहा है।
चुनावी हिंसा में कमी और जनता में बढ़ता भरोसा
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि इस बार बंगाल में शांतिपूर्ण मतदान हो रहा है और पिछले कई दशकों के मुकाबले चुनावी हिंसा में कमी आई है। उन्होंने इसे चुनाव आयोग की बड़ी सफलता बताया। पीएम मोदी ने कहा कि बंगाल में अब भय खत्म हो रहा है और लोगों में भरोसा बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले राज्य में गुंडाराज चलता था लेकिन अब जनता बदलाव चाहती है। उनके अनुसार रिकॉर्ड तोड़ मतदान इस बात का संकेत है कि लोग मौजूदा व्यवस्था से असंतुष्ट हैं और नई दिशा की तलाश कर रहे हैं।

टीएमसी पर तीखा हमला और महिलाओं के लिए बड़ी घोषणाएं
प्रधानमंत्री ने तृणमूल कांग्रेस पर सीधा हमला करते हुए कहा कि राज्य में जंगलराज चल रहा है जिसे खत्म करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जिन्होंने जनता का हक लूटा है उन्हें उसका हिसाब देना होगा। पीएम मोदी ने महिलाओं के लिए कई घोषणाएं करते हुए कहा कि उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए विशेष योजनाएं लाई जाएंगी। उन्होंने महिलाओं को सालाना 36 हजार रुपये देने और 20 लाख रुपये तक का मुद्रा लोन उपलब्ध कराने का वादा किया। उन्होंने यह भी कहा कि अब किसी को भी टीएमसी से डरने की जरूरत नहीं है।
जनता के हाथ में चुनाव की कमान और बदलता राजनीतिक माहौल
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में कहा कि इस बार चुनाव किसी एक नेता या पार्टी का नहीं बल्कि जनता का चुनाव है। उन्होंने दावा किया कि बंगाल के हर वर्ग में बदलाव की इच्छा दिखाई दे रही है। डॉक्टर बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए वोट कर रहे हैं तो शिक्षक और छात्र भयमुक्त शिक्षा के लिए समर्थन दे रहे हैं। दुकानदार और मजदूर सिंडिकेट राज से मुक्ति चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अब बंगाल में हर जगह एक ही नारा सुनाई दे रहा है कि भय खत्म और भरोसा शुरू। इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य के राजनीतिक माहौल को और अधिक गरमा दिया है और आगामी चरण के चुनाव को बेहद दिलचस्प बना दिया है।
