
पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर बिहार सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मांग की कि भरत तिवारी को शहीद का दर्जा दिया जाए। पप्पू यादव ने कहा कि भरत तिवारी कोई अपराधी, शूटर या गैंग संचालक नहीं था, बल्कि वह आम लोगों की आवाज उठाने वाला व्यक्ति था। उन्होंने दावा किया कि जिस तरह से उसकी मौत हुई है, उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और परिवार को न्याय मिलना चाहिए।
सरकार पर साधा निशाना
पप्पू यादव ने कहा कि जब खुद भाजपा के मंत्री और नेता एनकाउंटर को लेकर सवाल उठा रहे हैं, तो सरकार को जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि किसी भी बड़े एनकाउंटर की घटना बिना सरकार और पुलिस मुख्यालय की जानकारी के संभव नहीं होती। सांसद ने मांग की कि यह जांच की जाए कि घटना के दौरान भोजपुर के एसपी और डीएसपी किन-किन लोगों के संपर्क में थे और किस स्तर पर फैसले लिए गए।
सीबीआई जांच की उठाई मांग
सांसद ने कहा कि यदि सरकार और उसके सहयोगी दल के नेता एनकाउंटर को सही ठहरा रहे हैं, तो फिर भरत तिवारी को शहीद घोषित किया जाए और पूरे मामले की सीबीआई जांच करवाई जाए। उन्होंने कहा कि सच सामने लाने के लिए स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराना जरूरी है, ताकि किसी भी तरह के संदेह को खत्म किया जा सके।

कानून व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
पप्पू यादव ने राज्य की कानून व्यवस्था को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं और कई गंभीर मामलों में पुलिस प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है। उन्होंने बेगूसराय की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि कानून व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है और सरकार को अपनी प्राथमिकताओं पर पुनर्विचार करना चाहिए।
सरकार या मंत्री दें इस्तीफा
पप्पू यादव ने कहा कि यदि भाजपा के मंत्री स्वयं मान रहे हैं कि एनकाउंटर में कुछ गलत हुआ है, तो या तो सरकार इस्तीफा दे या फिर संबंधित मंत्री अपने पद से इस्तीफा दें। उन्होंने कहा कि दोनों में से किसी एक को जिम्मेदारी लेनी होगी। सांसद ने मांग की कि एनकाउंटर से जुड़े हर पहलू की निष्पक्ष जांच हो और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
