
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने वंदे मातरम् को लेकर चल रहे विवाद पर कांग्रेस के बड़े नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी से देश से माफी मांगने की मांग की है उन्होंने आरोप लगाया कि स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में राष्ट्रगीत के पूरे संस्करण को लेकर आपत्ति जताई गई और इससे वंदे मातरम् का अपमान हुआ है हालांकि इस मामले में कांग्रेस ने अलग सफाई दी है
दरअसल 15 अगस्त को दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय पर स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम आयोजित किया गया था इस दौरान पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ सोनिया गांधी और राहुल गांधी भी मौजूद थे ध्वजारोहण के बाद वहां वंदे मातरम् का गायन हुआ कार्यक्रम का एक वीडियो सामने आने के बाद इस पर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया
बीजेपी की ओर से दावा किया गया कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने वंदे मातरम् के पूरे संस्करण को गाए जाने पर आपत्ति जताई थी इसी मुद्दे पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस नेताओं को घेरा उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देश की आजादी के लिए लड़ने वाले लोगों के लिए प्रेरणा का बड़ा माध्यम था कई स्वतंत्रता सेनानियों ने इस गीत को गाया था
मोहन यादव ने कहा कि अगर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता इस मामले में शामिल रहे हैं तो उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए उन्होंने उम्मीद जताई कि कांग्रेस के नेता अपनी गलती स्वीकार करेंगे और इस मुद्दे पर अपना पक्ष साफ करेंगे
वहीं कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बीजेपी के दावे पर सफाई दी है उनका कहना है कि कार्यक्रम में वंदे मातरम् का पूरा संस्करण गाया गया था उन्होंने बताया कि सोनिया गांधी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के काफी देर तक खड़े रहने के कारण उनके लिए कुर्सी लाने का इशारा कर रही थींइस वजह से अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और दोनों पक्ष अपने अपने दावे पेश कर रहे हैं
गौरतलब है कि संसद ने पिछले महीने एक विधेयक पारित किया था जिसमें राष्ट्रगीत के अपमान को दंडनीय अपराध बनाने का प्रावधान बताया गया है इस कानून में वंदे मातरम् को राष्ट्रगान जन गण मन के समान दर्जा दिए जाने की बात भी कही गई है
