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CJP के सौरव दास और आशुतोष रांका रिहा, अभिजीत दीपके का इमोशनल पोस्ट

दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से जुड़े मामले में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका को रिहाई का आदेश मिला, जिसके बाद सौरव ने ‘सत्यमेव जयते’ कहकर प्रतिक्रिया दी। वहीं, पार्टी संस्थापक अभिजीत दीपके ने दोनों की रिहाई पर भावुक संदेश साझा किया।

सौरव दास ने कहा- सच्चाई की जीत हुई

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक सौरव दास ने रिहाई के आदेश के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया में खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा, “सच्चाई की जीत हुई है। सत्यमेव जयते।” उनका यह बयान ऐसे समय आया, जब जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से जुड़े मामले में उन्हें और पार्टी के दूसरे सह-संयोजक आशुतोष रांका को न्यायिक हिरासत से रिहा करने का आदेश दिया गया।

जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़ा है मामला

यह मामला 14 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर के प्रतिबंधित इलाके में हुए प्रदर्शन से जुड़ा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस मामले में कानूनी कार्रवाई के बाद दोनों नेताओं को न्यायिक हिरासत में रखा गया था। 21 अक्टूबर, 2026 को स्पेशल एक्जिक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई, जिसमें सौरव दास और आशुतोष रांका को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया।

CJP के सौरव दास और आशुतोष रांका रिहा, अभिजीत दीपके का इमोशनल पोस्ट

कोर्ट ने रिहाई का दिया आदेश

सुनवाई के दौरान जमानतदारों से संबंधित दस्तावेज भी जमा किए गए। इसके बाद SEM कोर्ट ने दोनों सह-संयोजकों को न्यायिक हिरासत से रिहा करने का आदेश दिया। इस घटनाक्रम के बाद CJP से जुड़े लोगों के बीच खुशी का माहौल देखने को मिला। हालांकि, रिहाई के आदेश को मामले की सभी कानूनी कार्यवाहियों के समाप्त होने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

अभिजीत दीपके का भावुक संदेश चर्चा में

CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी सौरव दास और आशुतोष रांका की रिहाई पर सोशल मीडिया के जरिए अपनी भावनाएं जाहिर कीं। उन्होंने इंस्टाग्राम और X पर बॉलीवुड फिल्म ‘चक दे! इंडिया’ के एक भावुक दृश्य का क्लिप साझा किया। इसके साथ उन्होंने लिखा, “मेरे भाई अब आजाद हैं।” उनका यह संदेश दोनों सह-संयोजकों के साथ उनके व्यक्तिगत जुड़ाव को दर्शाता है।

सोशल मीडिया पर रिहाई को लेकर चर्चा

सौरव दास का ‘सत्यमेव जयते’ कहना और अभिजीत दीपके का भावुक पोस्ट इस घटनाक्रम के दो प्रमुख पहलू बनकर सामने आए। एक तरफ कानूनी प्रक्रिया के बाद रिहाई का आदेश है, तो दूसरी तरफ साथियों की वापसी पर खुशी जाहिर करती प्रतिक्रिया। ऐसे मामलों में अदालत के आदेश, संबंधित पक्षों के बयान और आगे की कानूनी प्रक्रिया को अलग-अलग समझना जरूरी होता है।

आगे की प्रक्रिया पर रहेगी नजर

सौरव दास और आशुतोष रांका की रिहाई CJP के लिए राहत भरा घटनाक्रम है। अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रियाओं पर नजर रहेगी। फिलहाल, सौरव का “सच्चाई की जीत हुई” कहना और अभिजीत दीपके का “मेरे भाई अब आजाद हैं” संदेश इस घटनाक्रम से जुड़ी सबसे चर्चित प्रतिक्रियाओं में शामिल हैं।

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