
वीडी सतीशन के नाम पर आखिरकार कांग्रेस आलाकमान ने मुहर लगा दी है और अब वही Kerala के अगले मुख्यमंत्री होंगे। गुरुवार 14 मई 2026 को लंबे राजनीतिक मंथन और कई दौर की बैठकों के बाद यह फैसला लिया गया। 2026 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस नीत यूडीएफ गठबंधन की बड़ी जीत के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर पार्टी के भीतर लगातार चर्चा चल रही थी। इस रेस में केसी वेणुगोपाल और रमेश चेनिथल्ला का नाम भी प्रमुखता से सामने आया था लेकिन आखिर में वीडी सतीशन सबसे मजबूत दावेदार बनकर उभरे।
यूडीएफ की जीत के सबसे बड़े चेहरे बने वीडी सतीशन
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक विधानसभा चुनाव में यूडीएफ की जीत का सबसे बड़ा श्रेय वीडी सतीशन को दिया गया। उन्होंने पूरे चुनाव अभियान की कमान संभाली और लेफ्ट मोर्चे के खिलाफ आक्रामक रणनीति अपनाई। चुनावी सभाओं में भारी भीड़ और संगठन पर मजबूत पकड़ ने कांग्रेस नेतृत्व को प्रभावित किया। पार्टी का मानना है कि सतीशन ने जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को एकजुट रखा और जनता के बीच सरकार विरोधी माहौल तैयार करने में अहम भूमिका निभाई। यही वजह रही कि कांग्रेस आलाकमान ने आखिरकार उनके नाम को अंतिम मंजूरी दी।

IUML के समर्थन ने बदला पूरा समीकरण
मुख्यमंत्री चयन में Indian Union Muslim League की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। गठबंधन सहयोगी IUML ने खुलकर वीडी सतीशन का समर्थन किया और उन्हें मुख्यमंत्री बनाए जाने की पैरवी की। माना जा रहा है कि इससे कांग्रेस नेतृत्व पर राजनीतिक संतुलन बनाए रखने का दबाव बढ़ा। दूसरी ओर पार्टी के भीतर एक बड़ा वर्ग केसी वेणुगोपाल के समर्थन में भी सक्रिय था। कई विधायक और संगठन के नेता उन्हें बेहतर प्रशासनिक विकल्प मान रहे थे लेकिन अंत में जनता और संगठन से मिले फीडबैक को प्राथमिकता दी गई।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने की अहम बैठक
सूत्रों के अनुसार अंतिम फैसले से पहले राहुल गांधी ने पूरे राज्य से विस्तृत इनपुट मंगवाए थे जिसमें वीडी सतीशन की लोकप्रियता सबसे ज्यादा सामने आई। इसके बाद उनके नाम पर सहमति बनाई गई। इसी बीच नाराजगी की अटकलों के बीच राहुल गांधी ने गुरुवार सुबह केसी वेणुगोपाल को अपने आवास पर बुलाया जहां प्रियंका गांधी भी मौजूद थीं। बताया जा रहा है कि इस बैठक में संगठनात्मक संतुलन और भविष्य की रणनीति को लेकर विस्तार से चर्चा हुई ताकि पार्टी के भीतर किसी तरह का असंतोष न उभरे।
