
दिल्ली हाई कोर्ट ने अभिनेता संजय दत्त समर्थित कंपनी कार्टेल ब्रोज को अपनी व्हिस्की के लिए “गॉडफादर” ट्रेडमार्क के इस्तेमाल से फिलहाल रोक दिया है। न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला ने देवांस मॉडर्न ब्रुअरीज की ओर से दायर अंतरिम निषेधाज्ञा याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। अदालत ने कहा कि मामले के अंतिम निपटारे तक कार्टेल ब्रोज और उससे जुड़े सभी लोग “गॉडफादर” या उससे मिलते-जुलते किसी भी ट्रेडमार्क, लेबल, पैकेजिंग और ट्रेड ड्रेस का उपयोग नहीं कर सकेंगे।
विज्ञापन और प्रचार सामग्री हटाने के निर्देश
अदालत ने कंपनी को निर्देश दिया कि वह ऑनलाइन और ऑफलाइन प्लेटफॉर्म्स से “गॉडफादर” नाम से जुड़े सभी विज्ञापन, पोस्ट, प्रमोशनल सामग्री और लिस्टिंग तत्काल प्रभाव से हटा दे। कोर्ट ने माना कि इस नाम के उपयोग से उपभोक्ताओं में भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है, जिससे पहले से स्थापित ब्रांड की प्रतिष्ठा प्रभावित हो सकती है।
देवांस मॉडर्न ब्रुअरीज का दावा
Devans Modern Breweries ने अदालत में दावा किया कि वह वर्ष 1984 से “गॉडफादर” ट्रेडमार्क का उपयोग कर रही है। कंपनी के पास बीयर, व्हिस्की और रम श्रेणियों में इस ब्रांड का पंजीकरण भी है। कंपनी का कहना है कि चार दशक से अधिक समय में “गॉडफादर” ब्रांड ने बाजार में मजबूत पहचान बनाई है और उपभोक्ता इस नाम को सीधे उसके उत्पादों से जोड़ते हैं। इसलिए इस ट्रेडमार्क को कानूनी संरक्षण मिलना चाहिए।

कार्टेल ब्रोज की दलील
वहीं Cartel Bros ने अदालत को बताया कि उसने अपने उत्पाद का नाम बदलकर “The Glenwalk Godfathers by Sanjay Dutt” कर दिया है और उसका “The Godfather” नाम को स्वतंत्र रूप से इस्तेमाल करने का कोई इरादा नहीं है। कंपनी ने यह भी प्रस्ताव दिया कि यदि संशोधित लेबल को मंजूरी मिलती है तो वह “The Godfather” नाम के स्वतंत्र ट्रेडमार्क आवेदन को वापस लेने के लिए तैयार है।
अदालत ने क्यों दी राहत?
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने माना कि देवांस मॉडर्न ब्रुअरीज प्रथमदृष्टया यह साबित करने में सफल रही है कि उसे अंतरिम राहत मिलनी चाहिए। अदालत के अनुसार, लंबे समय से इस्तेमाल हो रहे और बाजार में स्थापित ट्रेडमार्क की सुरक्षा आवश्यक है। इसी आधार पर हाई कोर्ट ने कंपनी के पक्ष में अंतरिम निषेधाज्ञा जारी कर दी।
