राज्यराजनीति

दिल्ली होटल अग्निकांड में बड़ा खुलासा, बाहर से बंद था छत का रास्ता

दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल में हुए भीषण अग्निकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कई ऐसे तथ्य सामने आ रहे हैं जो इस हादसे को और गंभीर बना रहे हैं। जांच एजेंसियों को प्रारंभिक पड़ताल में पता चला है कि होटल की छत तक जाने वाला रास्ता पूरी तरह सुरक्षित नहीं था और छत पर बने कमरे का दरवाजा बाहर से बंद था। इस कारण आग और धुएं से बचने की कोशिश कर रहे लोगों के पास निकलने का कोई सुरक्षित रास्ता नहीं बचा। कई लोगों ने जान बचाने के लिए खिड़कियों और बालकनियों से बाहर कूदने का जोखिम उठाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग तेजी से फैल रही थी और धुएं ने कुछ ही मिनटों में पूरे भवन को अपनी चपेट में ले लिया था। ऐसे में यदि छत तक पहुंचने का रास्ता खुला होता तो संभवतः कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी। जांच अधिकारी अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि आखिर छत का रास्ता बंद क्यों था और इसके लिए कौन जिम्मेदार था।

हादसे के बाद मौके से फरार हो गया होटल मालिक

दिल्ली पुलिस की पूछताछ में एक और महत्वपूर्ण खुलासा हुआ है। जांच के दौरान होटल मालिक लवकेश बजाज ने स्वीकार किया कि हादसे के तुरंत बाद वह घटनास्थल से चला गया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार उसने पूछताछ में बताया कि वह डर गया था और इसी वजह से वहां से निकल गया। बताया जा रहा है कि हादसे के बाद वह अपने घर भी नहीं पहुंचा और लंबे समय तक शहर की सड़कों पर घूमता रहा। पुलिस का मानना है कि यदि वह मौके पर मौजूद रहता तो राहत और बचाव कार्यों में कुछ मदद मिल सकती थी। हादसे के बाद उसके व्यवहार और घटनास्थल छोड़कर भागने को भी जांच के महत्वपूर्ण बिंदुओं में शामिल किया गया है। पुलिस अब यह जानने का प्रयास कर रही है कि क्या उसने किसी जिम्मेदारी से बचने के लिए ऐसा कदम उठाया था या इसके पीछे कोई अन्य कारण था। इस खुलासे के बाद होटल प्रबंधन की भूमिका को लेकर सवाल और भी गहरे हो गए हैं।

दिल्ली होटल अग्निकांड में बड़ा खुलासा, बाहर से बंद था छत का रास्ता

जर्जर इमारत में चल रहा था होटल, अनुमति पर भी उठे सवाल

पूछताछ के दौरान लवकेश बजाज ने यह भी बताया कि उसने लगभग तीन वर्ष पहले यह इमारत खरीदी थी। उसके अनुसार भवन पहले काफी जर्जर हालत में था और यहां पहले एक खादी की दुकान संचालित होती थी। बाद में इसे गेस्ट हाउस और होटल के रूप में विकसित किया गया। आरोपी का दावा है कि उसने बेड एंड ब्रेकफास्ट और पर्यटन गतिविधियों से संबंधित आवश्यक अनुमतियां ली थीं। हालांकि पुलिस इन दावों की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में लगी हैं कि भवन की संरचना अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुरूप थी या नहीं। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि होटल संचालन के लिए प्राप्त लाइसेंस और वास्तविक गतिविधियों में कहीं कोई अंतर तो नहीं था। विशेषज्ञों का मानना है कि पुरानी इमारतों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी बड़े हादसों की वजह बन सकती है और इस मामले में भी इसी दिशा में जांच आगे बढ़ रही है।

ज्यादा कमाई के लिए बढ़ाए गए कमरे, कोर्ट ने भेजा पुलिस कस्टडी

जांच के दौरान होटल मालिक ने यह भी स्वीकार किया कि होटल में कमरों की संख्या बढ़ाई गई थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार उसने माना कि व्यवसाय अच्छा चल रहा था और अधिक कमाई की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त कमरे तैयार किए गए। उसने यह भी कहा कि होटल के रोजमर्रा के संचालन के लिए उसने अलग स्टाफ नियुक्त कर रखा था और वह स्वयं हर गतिविधि पर निगरानी नहीं रखता था। इस बीच पुलिस ने आरोपी को साकेत कोर्ट में पेश किया और विस्तृत पूछताछ के लिए रिमांड की मांग की। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए लवकेश बजाज को चार दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। अब जांच एजेंसियां उससे अग्निकांड, भवन की सुरक्षा व्यवस्था, लाइसेंस संबंधी दस्तावेजों और होटल संचालन में संभावित लापरवाही को लेकर गहन पूछताछ करेंगी। इस हादसे ने राजधानी में होटल और गेस्ट हाउसों की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। आने वाले दिनों में जांच से और भी महत्वपूर्ण खुलासे सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

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