
दिल्ली में सोमवार से ‘मेट्रो मंडे’ अभियान की औपचारिक शुरुआत हो गई है। इस पहल की प्रेरणा प्रधानमंत्री Narendra Modi की अपील से मिली, जिसके बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने खुद सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल कर लोगों को बड़ा संदेश दिया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को मेट्रो और बस जैसे सार्वजनिक साधनों का अधिक उपयोग करने के लिए प्रेरित करना है, ताकि ट्रैफिक कम हो, ईंधन की बचत हो और प्रदूषण पर नियंत्रण पाया जा सके। सरकार इसे एक जनभागीदारी आधारित पर्यावरण सुधार अभियान के रूप में देख रही है।
पैदल और मेट्रो यात्रा से नेताओं ने पेश किया उदाहरण
अभियान के तहत मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सोमवार सुबह अपने आधिकारिक आवास ‘मुख्यमंत्री जन सेवा सदन’ से पैदल चलकर उपराज्यपाल के लोक निवास पहुंचीं। उन्होंने वहां एक महत्वपूर्ण बैठक में हिस्सा लिया और इस दौरान उनकी सादगी और सक्रियता की चर्चा रही। इसके बाद उन्होंने कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन से मेट्रो लेकर आईटीओ तक यात्रा की। इस दौरान कई यात्रियों ने मुख्यमंत्री को अपने बीच देखकर खुशी जताई और उनसे बातचीत भी की। यह कदम लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया।

फीडर बस से सचिवालय तक पहुंचीं मुख्यमंत्री
आईटीओ मेट्रो स्टेशन पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने दिल्ली सचिवालय स्थित अपने कार्यालय तक जाने के लिए फीडर बस का इस्तेमाल किया। इस दौरान उनके साथ मंत्री Parvesh Verma और Ravindra Indraj Singh भी मौजूद रहे। सरकार का कहना है कि जब शीर्ष नेता और अधिकारी खुद सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करेंगे, तो आम जनता में भी सकारात्मक संदेश जाएगा और लोग निजी वाहनों की बजाय सार्वजनिक साधनों को प्राथमिकता देंगे।
‘मेरा भारत, मेरा योगदान’ अभियान के तहत बड़ी पहल
दिल्ली सरकार के अनुसार ‘मेट्रो मंडे’ पहल ‘मेरा भारत, मेरा योगदान’ अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि अधिक लोग मेट्रो और बसों का उपयोग करेंगे तो राजधानी में प्रदूषण और ट्रैफिक जाम दोनों में कमी आएगी। सरकार का दावा है कि इस पहल के पहले दिन कई मंत्रियों और अधिकारियों ने भी सार्वजनिक परिवहन से यात्रा कर कार्यालय पहुंचे, जिससे यह संदेश और मजबूत हुआ कि बदलाव की शुरुआत ऊपर से होती है।
