
उत्तर प्रदेश में चुनावी माहौल के बीच भारतीय जनता पार्टी अपने संगठन को नए सिरे से मजबूत करने में जुटी हुई है। पार्टी ने लंबे मंथन के बाद प्रदेश संगठन की संभावित सूची तो तैयार कर ली है, लेकिन इस पर अंतिम निर्णय अब नई दिल्ली में होगा। संगठन में अनुभव, जातीय संतुलन और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए नामों का चयन किया गया है, ताकि आगामी चुनाव में पार्टी को मजबूत आधार मिल सके।
दिल्ली में होगा अंतिम फैसला, शीर्ष नेतृत्व की नजर सूची पर
सूत्रों के अनुसार राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और संगठन महामंत्री बीएल संतोष जल्द ही प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह के साथ बैठक करेंगे। यह बैठक नई दिल्ली में होगी, जहां तैयार की गई सूची पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इसके बाद ही प्रदेश की नई टीम को अंतिम रूप दिया जाएगा और आधिकारिक घोषणा की जाएगी। माना जा रहा है कि शीर्ष नेतृत्व इस बार संगठन में बड़े बदलाव के मूड में है।

संगठनात्मक अनुभव और मूल कैडर को मिलेगी प्राथमिकता
भाजपा इस बार अपने मूल कैडर और संगठनात्मक अनुभव वाले नेताओं को प्राथमिकता देने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी का रुख साफ है कि बाहरी दलों से आए नेताओं को सीमित भूमिका ही दी जाएगी। संगठन को मजबूत बनाने के लिए लंबे समय से काम कर रहे कार्यकर्ताओं को आगे लाने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि जमीनी स्तर पर पार्टी की पकड़ और मजबूत हो सके।
बड़े बदलाव की तैयारी, 60 प्रतिशत तक पदाधिकारी बदलने की चर्चा
प्रदेश संगठन में बड़े स्तर पर बदलाव की संभावना जताई जा रही है। चर्चा है कि लगभग 60 प्रतिशत पदाधिकारियों को बदला जा सकता है। वहीं कुछ नेताओं को मोर्चों और प्रकोष्ठों में समायोजित करने की योजना भी बनाई जा रही है। पार्टी की रणनीति है कि बदलाव का संदेश कार्यकर्ताओं तक सकारात्मक रूप में पहुंचे और किसी भी असंतोष को संतुलित किया जा सके। साथ ही यह भी विचार किया जा रहा है कि रिक्त चल रहे बोर्ड और निगमों के पद पहले भरे जाएं या संगठन की नई टीम पहले घोषित की जाए।
