
नालंदा जिले के विश्व प्रसिद्ध धार्मिक और पर्यटन स्थल राजगीर में रविवार को आस्था और श्रद्धा के महापर्व मलमास मेले का भव्य शुभारंभ हुआ। इस पावन अवसर पर ब्रह्मकुंड परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना और ध्वजारोहण के साथ मेले का उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने किया। उद्घाटन समारोह में कई मंत्री, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे, जिससे आयोजन का महत्व और बढ़ गया।
उद्घाटन के बाद हुआ स्थल निरीक्षण
उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने ब्रह्मकुंड और पूरे मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान डिप्टी सीएम विजय चौधरी, मंत्री श्रवण कुमार और सांसद कौशलेंद्र कुमार भी मौजूद रहे। निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री और अन्य वीआईपी वापस रवाना हो गए। प्रशासन ने मेले के सुचारु संचालन के लिए सभी तैयारियों की समीक्षा की।

एक महीने तक चलेगा आस्था का यह महापर्व
यह धार्मिक मेला करीब एक महीने तक चलेगा और 15 जून तक इसका आयोजन किया जाएगा। इस दौरान श्रद्धालु राजगीर के पवित्र 22 कुंडों और 52 धाराओं में आस्था की डुबकी लगाएंगे। मेले में तीन शाही स्नान का विशेष महत्व बताया गया है, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। यह आयोजन क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
देश-विदेश से श्रद्धालुओं की उमड़ने लगी भीड़
मलमास मेले में देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। नेपाल और श्रीलंका सहित कई देशों से साधु-संत और धर्माचार्य इस आयोजन में शामिल हो रहे हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, राजगीर के पवित्र कुंडों में स्नान करने से पापों का नाश होता है और जीवन में शांति एवं सुख की प्राप्ति होती है। मेले की व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और यातायात के विशेष इंतजाम किए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
