LPU में हिंसक प्रदर्शन के बाद 10 दिन क्लास बंद, NH-44 पर 15 घंटे बाद ट्रैफिक बहाल

पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में छात्र प्रदर्शन के हिंसक होने के बाद हालात को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने कई कदम उठाए हैं। विश्वविद्यालय ने 28 सितंबर से 10 दिनों के लिए नियमित कक्षाएं स्थगित कर दी हैं। मिड-टर्म परीक्षाएं भी अगले आदेश तक टाल दी गई हैं। वहीं NH-44 पर 15 घंटे से ज्यादा समय तक चला छात्रों का धरना खत्म होने के बाद यातायात बहाल कर दिया गया है।
हिंसक प्रदर्शन के बाद छात्रों को घर जाने की अनुमति
LPU प्रशासन ने छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 28 सितंबर से 10 दिनों के लिए रेगुलर क्लास सस्पेंड करने का फैसला लिया है। विश्वविद्यालय ने छात्रों को अपने अभिभावकों की सहमति से इस अवधि में घर जाने की अनुमति भी दी है।
जो छात्र कैंपस में रहना चाहते हैं, उन्हें हॉस्टल या अपने रहने की जगह पर रहने और अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई है। विश्वविद्यालय ने छात्रों से आधिकारिक निर्देशों का पालन करने और शांति बनाए रखने की अपील की है।
NH-44 पर 15 घंटे बाद ट्रैफिक बहाल
छात्रों के प्रदर्शन के कारण LPU के बाहर जालंधर-फगवाड़ा NH-44 का एक हिस्सा 15 घंटे से अधिक समय तक बंद रहा। इससे हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को काफी परेशानी हुई।
पुलिस के मुताबिक, रविवार और सोमवार की दरमियानी रात हाईवे पर यातायात फिर से शुरू कर दिया गया। जालंधर पुलिस कमिश्नर सतींदर सिंह ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है और माहौल शांतिपूर्ण है।

पुलिस से झड़प, वाहनों में आग लगाने की घटनाएं
प्रदर्शन के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच झड़प की स्थिति भी बनी। पुलिस के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया, जबकि कई वाहनों को नुकसान पहुंचाने और कुछ वाहनों में आग लगाए जाने की घटनाएं सामने आईं।
रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस के कई जवान भी घायल हुए। रविवार रात हिंसा के दौरान पुलिस वाहनों और कैंपस की संपत्ति को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई। हालात बिगड़ने के बाद विश्वविद्यालय परिसर और आसपास के क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
छात्र बोले- कैंपस में काफी नुकसान हुआ
कैंपस से घर लौट रहे कुछ छात्रों ने मीडिया से बातचीत में रात के घटनाक्रम को लेकर चिंता जताई। एक छात्र के मुताबिक, कंप्यूटर साइंस की बिल्डिंग में तोड़फोड़ और आगजनी की घटना हुई, जिससे काफी नुकसान हुआ।
छात्रों ने यह भी बताया कि हिंसा के बाद वे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे थे। हालांकि, अब पुलिस की मौजूदगी बढ़ने के बाद कैंपस में स्थिति शांत होने की बात सामने आई है। इन बयानों की स्वतंत्र पुष्टि अलग-अलग घटनाओं के स्तर पर जांच का विषय है।
वायरल दुष्कर्म दावे की जांच जारी
पूरे विवाद की शुरुआत सोशल मीडिया पर एक छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म और बाद में आत्महत्या से जुड़े दावों के वायरल होने के बाद हुई। LPU प्रशासन ने इन दावों को झूठा, बेबुनियाद और मनगढ़ंत अफवाह बताया है।
वहीं पुलिस ने इस मामले में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है। सात सदस्यीय विशेष जांच दल यानी SIT का गठन भी किया गया है। पुलिस का कहना है कि कथित घटना की वास्तविकता जांच के बाद स्पष्ट होगी।
मुख्यमंत्री मान ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
हिंसा और आगजनी की घटनाओं को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं और डीजीपी गौरव यादव को खुद मौके पर जाकर स्थिति की समीक्षा करने को कहा है।
डीजीपी के दौरे के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति, छात्रों की सुरक्षा और पूरे घटनाक्रम को लेकर अधिकारियों से जानकारी लेने की बात कही गई है।
इंटरनेट सेवा बंद होने की खबर
LPU और आसपास के इलाके में इंटरनेट सेवा बंद किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। हालांकि, उपलब्ध विश्वसनीय रिपोर्टों में इस संबंध में स्पष्ट आधिकारिक पुष्टि नहीं मिली है। इसलिए इंटरनेट बंद होने की अवधि और इसके आदेश से जुड़ी जानकारी को आधिकारिक पुष्टि के बाद ही अंतिम रूप से बताया जाना उचित होगा।
फिलहाल प्राथमिकता कैंपस में सामान्य स्थिति बहाल करने, छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और विवाद से जुड़े दावों की जांच पूरी करने पर है।
LPU में हिंसक प्रदर्शन के बाद विश्वविद्यालय ने 10 दिनों के लिए कक्षाएं स्थगित कर दी हैं और परीक्षाएं भी टाल दी गई हैं। छात्र बड़ी संख्या में अपने घरों की ओर रवाना हो रहे हैं। दूसरी ओर NH-44 पर 15 घंटे से अधिक समय से लगा जाम खुल चुका है और पुलिस ने स्थिति नियंत्रण में होने की बात कही है। कथित दुष्कर्म से जुड़े मूल दावे की जांच SIT कर रही है, जबकि हिंसा और आगजनी के मामलों में भी पुलिस कार्रवाई आगे बढ़ रही है।
