पटना में सड़क पर उतरे छात्र-किसान-मजदूर, जेपी गोलंबर पर बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़े प्रदर्शनकारी

बिहार की राजधानी पटना में सोमवार को अलग-अलग मांगों को लेकर छात्र, किसान और मजदूर संगठन सड़क पर उतर आए। बिहार यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस (BUHS) के छात्रों ने स्थायी कुलपति और शैक्षणिक सत्र नियमित करने की मांग उठाई, वहीं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) से जुड़े जनसंगठनों ने महंगाई, बेरोजगारी और बाढ़-सूखे के स्थायी समाधान जैसे मुद्दों को लेकर गांधी मैदान से लोकभवन मार्च निकाला। प्रदर्शन के कारण गांधी मैदान और आसपास के इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ।
गांधी मैदान से निकला लोकभवन मार्च
CPI से जुड़े 12 जनसंगठनों की ओर से सोमवार को गांधी मैदान से लोकभवन की तरफ मार्च निकाला गया। इस आंदोलन में किसान सभा, खेत मजदूर यूनियन, ट्रेड यूनियन, अखिल भारतीय छात्र संघ (AISA), बिहार महिला समाज समेत कई संगठन शामिल हुए।
मार्च से पहले ही विभिन्न जिलों में CPI कार्यकर्ताओं की बैठकें कर लोगों से पटना पहुंचने और आंदोलन में शामिल होने की अपील की गई थी। संगठनों ने महंगाई, बेरोजगारी, किसानों-मजदूरों की समस्याओं और बाढ़-सुखाड़ के स्थायी समाधान जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
जेपी गोलंबर पर पुलिस ने की बैरिकेडिंग
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने गांधी मैदान से लोकभवन की ओर जाने वाले रास्तों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी थी। जेपी गोलंबर पर प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई थी।
रिपोर्टों के मुताबिक, करीब 200 पुलिसकर्मियों की तैनाती के बावजूद प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ गए और डाकबंगला चौराहे की ओर पहुंच गए। इससे शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई।

बाढ़-सूखे और महंगाई का मुद्दा
वामपंथी दलों और मजदूर संगठनों ने बाढ़ और सूखे की समस्या के स्थायी समाधान की मांग उठाई। इसके अलावा महंगाई, बेरोजगारी, किसानों और खेत मजदूरों से जुड़े मुद्दों को लेकर भी सरकार का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की गई।
CPI से जुड़े संगठनों ने पहले से ही 28 सितंबर के लोकभवन मार्च की तैयारी शुरू कर दी थी। बैठकों में महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्याओं और महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर आंदोलन की रणनीति तय की गई थी।
BUHS छात्र भी प्रदर्शन में शामिल
इसी दौरान बिहार यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस के छात्र भी अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरे। छात्रों की प्रमुख मांगों में विश्वविद्यालय के लिए स्थायी कुलपति की नियुक्ति और शैक्षणिक सत्र को नियमित करना शामिल है।
छात्रों का कहना है कि सत्र नियमित होने से पढ़ाई, परीक्षा और आगे की शैक्षणिक प्रक्रिया समय पर पूरी हो सकेगी। प्रदर्शन के जरिए छात्र प्रशासन से अपनी मांगों पर जल्द फैसला लेने की मांग कर रहे हैं।
कई संगठनों के एक साथ प्रदर्शन से यातायात प्रभावित
गांधी मैदान और आसपास के इलाकों में एक साथ कई मार्च और प्रदर्शनों के कारण यातायात व्यवस्था पर असर पड़ा। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने और प्रमुख मार्गों पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए बैरिकेडिंग और अतिरिक्त बल की तैनाती की।
प्रदर्शनकारी जेपी गोलंबर से आगे बढ़कर डाकबंगला चौराहे की ओर पहुंचे, जिससे राजधानी के व्यस्त मार्गों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई।
पुलिस-प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था की चुनौती
पटना में पहले भी गांधी मैदान से लोकभवन और राजभवन की ओर होने वाले मार्च के दौरान पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की है। ऐसे प्रदर्शनों में पुलिस की प्राथमिकता यातायात और कानून-व्यवस्था बनाए रखना रहती है।
सोमवार के प्रदर्शन में भी पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी। आगे प्रदर्शनकारियों और प्रशासन के बीच बातचीत के जरिए मांगों के समाधान की दिशा में क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी।
पटना में सोमवार को छात्र, किसान और मजदूर संगठनों के अलग-अलग प्रदर्शनों से राजधानी की सड़कें प्रभावित रहीं। एक तरफ BUHS छात्र स्थायी कुलपति और नियमित शैक्षणिक सत्र की मांग कर रहे हैं, वहीं CPI से जुड़े संगठन महंगाई, बेरोजगारी, किसानों-मजदूरों की समस्याओं और बाढ़-सूखे के स्थायी समाधान जैसे मुद्दे उठा रहे हैं। जेपी गोलंबर पर बैरिकेडिंग के बावजूद प्रदर्शनकारी आगे बढ़े, जिसके बाद डाकबंगला क्षेत्र तक यातायात प्रभावित हुआ।
