
उत्तराखंड के नैनीताल में गुरुवार को एक बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला, जब भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने चश्मा कंपनी लेंसकार्ट के खिलाफ कथित धार्मिक भेदभाव को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। यह विरोध अचानक नहीं बल्कि स्थानीय स्तर पर उठ रही शिकायतों के बाद सामने आया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कंपनी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच होना जरूरी है। इस घटना ने स्थानीय स्तर पर माहौल को गरमा दिया है और प्रशासन का ध्यान इस ओर खींचा है।
कुमाऊं आयुक्त को सौंपा ज्ञापन, मुख्यमंत्री से कार्रवाई की मांग
भाजपा मंडल अध्यक्ष नितिन सिंह कार्की के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नाम ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में स्पष्ट रूप से मांग की गई है कि प्रदेशभर में चल रहे लेंसकार्ट शोरूम की कार्यप्रणाली की गहन जांच कराई जाए। कार्यकर्ताओं का कहना है कि अगर जांच में कहीं भी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने या भेदभाव से जुड़े तथ्य सामने आते हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। यह ज्ञापन सरकार के लिए एक गंभीर संकेत माना जा रहा है।

कार्यकर्ताओं का आरोप, धार्मिक भावनाओं के सम्मान की उठाई मांग
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि किसी भी व्यवसायिक संस्था को सामाजिक और धार्मिक संवेदनशीलता का पूरा ध्यान रखना चाहिए। उनका कहना है कि अगर किसी कंपनी की गतिविधियां समाज के किसी वर्ग की भावनाओं को आहत करती हैं, तो यह स्वीकार्य नहीं हो सकता। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस मामले में पारदर्शी जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने वालों को सख्त सजा दी जाए। इस मुद्दे को लेकर कार्यकर्ताओं में खासा आक्रोश देखने को मिला।
कई कार्यकर्ता रहे मौजूद, प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ा
इस विरोध प्रदर्शन में मनोज जोशी, मयंक पंत, दया किशन पोखरिया, भारत सिंह मेहरा, हेमंत बेदी, रितुल कुमार, युवराज सिंह करायत, कमल जोशी और मोहित लाल साह समेत कई भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में इस मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की। अब इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है कि वह जल्द से जल्द इस मामले में स्थिति स्पष्ट करे और आवश्यक कदम उठाए। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सरकार की प्रतिक्रिया और कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।
