राज्यराजनीति

AAP विधायक सुखवीर मैसरखाना ने अपनी ही सरकार पर उठाए सवाल, कुछ घंटों बाद पार्टी ने किया सस्पेंड

पंजाब में आम आदमी पार्टी के भीतर असंतोष की चर्चाओं के बीच मौड़ से AAP विधायक सुखवीर सिंह मैसरखाना ने अपनी ही सरकार और पार्टी नेतृत्व पर गंभीर सवाल खड़े किए। फेसबुक लाइव के दौरान उन्होंने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी, पार्टी में कथित तौर पर नजरअंदाज किए जाने और अपने खिलाफ कार्रवाई की आशंका जताई। बयान के कुछ ही घंटों बाद AAP ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया।

सरकारी स्कूलों में शिक्षक कमी का मुद्दा उठाया

सुखवीर मैसरखाना ने करीब 14 मिनट के फेसबुक लाइव में पंजाब की शिक्षा व्यवस्था को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से अपने विधानसभा क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में खाली पड़े शिक्षक पदों को भरने की मांग सरकार और पार्टी नेतृत्व के सामने रखते रहे हैं, लेकिन उन्हें अपेक्षित समाधान नहीं मिला।

विधायक ने खास तौर पर उस सरकारी स्कूल का मुद्दा उठाया, जहां उनके बच्चे पढ़ते हैं। उनका कहना था कि शिक्षक नहीं होने का सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। उन्होंने सरकार की ‘शिक्षा क्रांति’ के दावों पर भी सवाल उठाए।

स्कूल ऑफ एमिनेंस को लेकर भी सवाल

मैसरखाना ने अपने क्षेत्र के स्कूल ऑफ एमिनेंस में भी शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कई बार अधिकारियों और पार्टी नेतृत्व को इस बारे में जानकारी देने के बावजूद स्थिति में पर्याप्त बदलाव नहीं हुआ।

हालांकि, पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने विधायक के आरोपों को राजनीतिक बताया। उन्होंने कहा कि मैसरखाना के विधानसभा क्षेत्र में 90 प्रतिशत से अधिक शिक्षक पद भरे हुए हैं। रामनगर स्थित स्कूल ऑफ एमिनेंस में 30 स्वीकृत पदों में से 25 पर शिक्षक कार्यरत हैं और बाकी पदों को भरने की प्रक्रिया चल रही है।

AAP विधायक सुखवीर मैसरखाना ने अपनी ही सरकार पर उठाए सवाल, कुछ घंटों बाद पार्टी ने किया सस्पेंड

पार्टी में नजरअंदाज किए जाने का लगाया आरोप

शिक्षा के मुद्दे के साथ विधायक ने पार्टी के भीतर अपने साथ कथित व्यवहार को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने दावा किया कि पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के बावजूद उन्हें कई मौकों पर नजरअंदाज और अपमानित महसूस कराया गया।

मैसरखाना ने यह भी कहा कि उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट मिले या न मिले, उन्हें इसकी चिंता नहीं है। उनका कहना था कि उनकी प्राथमिकता सरकारी स्कूलों और बच्चों से जुड़े मुद्दे हैं।

तरनतारन चुनाव को लेकर गंभीर आरोप

विधायक ने तरनतारन चुनाव के दौरान अपने खिलाफ कथित साजिश का भी आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि उनसे ऐसी बात कही गई थी कि अगर उन्हें कुछ हो जाता है या उनकी मौत हो जाती है तो उनके परिवार के किसी सदस्य को टिकट दिया जाएगा।

हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए इसे मैसरखाना के दावे के तौर पर ही देखा जा रहा है।

पुलिस कार्रवाई की आशंका जताई

मैसरखाना ने अपने फेसबुक लाइव में आशंका जताई कि सरकार और पार्टी के खिलाफ खुलकर बोलने के कारण उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई या मामला दर्ज कराया जा सकता है। इसके बावजूद उन्होंने कहा कि वह अपने मुद्दों से पीछे नहीं हटेंगे और जनता से जुड़े सवाल उठाते रहेंगे।

उन्होंने कहा कि जेल या किसी कार्रवाई का डर उन्हें अपने मुद्दे उठाने से नहीं रोक सकता।

बयान के कुछ घंटों बाद AAP ने किया सस्पेंड

मैसरखाना के सार्वजनिक बयान के बाद आम आदमी पार्टी ने उनके खिलाफ कार्रवाई की। AAP पंजाब के महासचिव हरचंद सिंह बरसट ने उन्हें ‘पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता’ के आरोप में प्राथमिक सदस्यता से तत्काल निलंबित करने की जानकारी दी। पार्टी ने उनके आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी और सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले बयान दिए।

इस घटनाक्रम के बाद पंजाब की राजनीति में AAP के भीतर असहमति और पार्टी अनुशासन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अब विधायक के अगले राजनीतिक कदम और पार्टी नेतृत्व की आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।

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