राज्यराजनीति

शिवपाल सिंह पटेल का कांग्रेस पर हमला, बोले- 50 से ज्यादा सीटें देना चुनाव से पहले हार मानने जैसा

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सपा और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग को लेकर खींचतान तेज हो गई है। सपा सांसद शिवपाल सिंह पटेल ने कांग्रेस की 150 से ज्यादा सीटों की मांग पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी को 50 से अधिक सीटें देना उचित नहीं होगा।

कांग्रेस की 150 सीटों की मांग पर शिवपाल का जवाब

2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। इसी बीच सपा के राज्यसभा सांसद शिवपाल सिंह पटेल ने कांग्रेस की सीटों की मांग पर तीखा बयान दिया है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को 50 से ज्यादा सीटें देना चुनाव से पहले ही उतनी सीटों पर हार मान लेने जैसा होगा। उनके मुताबिक कांग्रेस के पिछले चुनावी प्रदर्शन को देखते हुए उसे इससे ज्यादा सीटें देना उचित नहीं है।

बोले- 30-35 सीटें बनती हैं, फिर भी 50 तक ठीक

शिवपाल सिंह पटेल ने दावा किया कि कांग्रेस के 2022 विधानसभा और 2024 लोकसभा चुनाव के प्रदर्शन के आधार पर पार्टी के लिए करीब 30-35 सीटें बनती हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि अगर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव उदारता दिखाते हैं तो कांग्रेस को अधिकतम 50 सीटें दी जा सकती हैं।

उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस के पास उत्तर प्रदेश में पर्याप्त उम्मीदवार और जनाधार नहीं है। ये शिवपाल सिंह पटेल के राजनीतिक आकलन हैं, जिन पर कांग्रेस की ओर से अलग प्रतिक्रिया आ सकती है।

शिवपाल सिंह पटेल का कांग्रेस पर हमला, बोले- 50 से ज्यादा सीटें देना चुनाव से पहले हार मानने जैसा

राहुल गांधी के अमेठी से चुनाव न लड़ने पर हमला

शिवपाल सिंह पटेल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 2024 लोकसभा चुनाव को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अमेठी से चुनाव लड़ने से पीछे हट गए थे और रायबरेली से चुनाव लड़ने को लेकर भी शुरुआत में तैयार नहीं थे।

उनका दावा है कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के कहने के बाद राहुल गांधी रायबरेली से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हुए। शिवपाल के मुताबिक इसके बाद सपा कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के पक्ष में पूरी ताकत लगाई।

यह शिवपाल सिंह पटेल का दावा है। 2024 में राहुल गांधी ने रायबरेली से चुनाव जीता था और अमेठी से कांग्रेस के केएल शर्मा विजयी हुए थे।

कांग्रेस के 150+ सीट वाले दावे से बढ़ा विवाद

दरअसल, कांग्रेस की उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने सितंबर में कहा था कि 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी 150 से कम सीटों पर चुनाव नहीं लड़ेगी। उन्होंने यह भी कहा था कि सीट शेयरिंग पर बातचीत अक्टूबर में पूरी होने की उम्मीद है।

कांग्रेस की इस स्थिति ने सपा के साथ सीट बंटवारे की बातचीत को महत्वपूर्ण बना दिया है। दोनों दलों के बीच 2024 लोकसभा चुनाव में गठबंधन था, जिसमें उत्तर प्रदेश की 80 सीटों में सपा ने 37 और कांग्रेस ने 6 सीटें जीती थीं।

अखिलेश बोले- बात सीट की नहीं, जीत की है

सीट शेयरिंग को लेकर चल रही बयानबाजी के बीच सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 4 अक्टूबर को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सहयोगियों को अलग संदेश दिया। उन्होंने कहा कि गठबंधन में कितनी सीटें या कौन सी सीट किसके पास जा रही है, यह सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा नहीं है। उनका जोर गठबंधन की जीत सुनिश्चित करने पर रहा।

अखिलेश यादव ने गठबंधन की एकजुटता, लोकतंत्र, संविधान और आरक्षण की रक्षा को भी महत्वपूर्ण बताया। ऐसे में शिवपाल सिंह पटेल का कांग्रेस की सीट मांग पर हमला और अखिलेश यादव का सीटों से ज्यादा गठबंधन की जीत पर जोर, दोनों नेताओं के बयानों के बीच अंतर को भी सामने लाता है।

अब सीट शेयरिंग पर सबकी नजर

उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों के लिए 2027 का चुनाव अभी दूर है, लेकिन गठबंधन की तैयारियां तेज हो चुकी हैं। कांग्रेस 150 से कम सीटों पर चुनाव नहीं लड़ने की बात कह चुकी है, जबकि सपा के भीतर से इतनी बड़ी संख्या में सीटें देने पर सवाल उठ रहे हैं।

अब देखना होगा कि दोनों दलों के बीच बातचीत किस फॉर्मूले पर आगे बढ़ती है और क्या सार्वजनिक बयानबाजी के बावजूद सीट शेयरिंग पर सहमति बन पाती है।

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