केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा का खड़गे पर हमला, बोले- “झूठ बोलना बंद कीजिए”; SIR के आंकड़ों पर दी सफाई

नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के SIR को लेकर दिए बयान पर पलटवार किया है। नड्डा ने अपने एक्स पोस्ट में खड़गे से कहा, “खड़गे जी, झूठ बोलना बंद कीजिए!” उन्होंने SIR से जुड़े आंकड़ों और कांग्रेस के आरोपों पर बीजेपी का पक्ष रखा।
13.39 करोड़ के आंकड़े पर नड्डा की सफाई
जेपी नड्डा ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कभी भी 13.39 करोड़ भारतीयों को घुसपैठिया नहीं कहा। उनके मुताबिक, चुनाव आयोग के अनुसार ये आंकड़े अंतिम मतदाता सूची से हटाए गए लोगों का आंकड़ा नहीं हैं, बल्कि ड्राफ्ट रोल में अनुपस्थित, पलायन, मृत और डुप्लीकेट जैसी श्रेणियों में चिह्नित नामों से जुड़े हैं।
नड्डा ने इन श्रेणियों के आंकड़े बताते हुए कहा कि इनमें करीब 2.80 करोड़ मृत, 6.30 करोड़ स्थायी रूप से स्थानांतरित, 3.01 करोड़ अनुपस्थित और 1.02 करोड़ डुप्लीकेट नाम शामिल हैं।
कांग्रेस पर SIR को लेकर राजनीति करने का आरोप
बीजेपी नेता ने कहा कि कांग्रेस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी की लोकप्रियता को SIR का परिणाम बताकर खारिज करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने इसे कांग्रेस की हताशा करार दिया।
नड्डा ने गुजरात, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल का जिक्र करते हुए कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि इन राज्यों में कांग्रेस लंबे समय से सत्ता से बाहर है और इसके लिए SIR को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।

“जनता का विश्वास आरोपों से नहीं जीता जा सकता”
जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर भ्रामक प्रचार और नकारात्मक राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को SIR के मुद्दे पर भ्रम फैलाने के बजाय जनता का विश्वास जीतने की कोशिश करनी चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि जनता का समर्थन प्रधानमंत्री मोदी, बीजेपी और NDA के साथ है और 2029 में NDA फिर बहुमत के साथ सरकार बनाएगा।
खड़गे ने क्या कहा था?
मल्लिकार्जुन खड़गे ने SIR को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने आरोप लगाया था कि SIR के नाम पर बड़ी संख्या में भारतीयों को “घुसपैठिया” बताया जा रहा है। खड़गे ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के अधिकार, विपक्षी नेताओं की हिरासत और पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए थे।
इस तरह SIR को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है। एक तरफ बीजेपी चुनाव आयोग के आंकड़ों का हवाला देकर कांग्रेस के आरोपों को गलत बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे मतदाता अधिकारों और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़कर सरकार पर हमला कर रही है।
