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दिव्यांग ने लगाया 9 एकड़ जमीन पर कब्जे का आरोप, विधायक समेत 6 पर केस; मंत्री की गाड़ी रोककर मांगा न्याय

तेनकासी: तमिलनाडु के तेनकासी जिले में करीब 9 एकड़ जमीन से जुड़ा विवाद सामने आया है। कोयंबटूर जिले के अक्कामलाई इलाके के रहने वाले दिव्यांग मुरुगैया ने आरोप लगाया है कि उनकी जमीन को कथित धोखाधड़ी के जरिए DMK विधायक टीएम राजेंद्रन के नाम दर्ज करा दिया गया। शिकायत के बाद पुलिस ने विधायक समेत 6 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वहीं, न्याय की मांग को लेकर मुरुगैया ने बुधवार को जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर प्रभारी मंत्री राजीव की गाड़ी रोक दी।

विधायक समेत 6 लोगों पर केस

मुरुगैया के मुताबिक, तेनकासी जिले के शंकरनकोविल के पास थिरुमलापुरम में उनकी करीब 9 एकड़ जमीन है। उन्होंने आरोप लगाया कि कडैयानल्लूर विधानसभा क्षेत्र के विधायक टीएम राजेंद्रन ने कथित तौर पर कानूनी उत्तराधिकारी प्रमाणपत्र के बिना जमीन अपने नाम करा ली।

शिकायत के आधार पर तेनकासी जिला क्राइम ब्रांच ने विधायक समेत 6 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों में विधायक के भाई, एक डिप्टी तहसीलदार, एक ग्राम प्रशासनिक अधिकारी और सर्वे विभाग से जुड़े एक अधिकारी का नाम भी शामिल बताया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

कलेक्टर कार्यालय पहुंचे मुरुगैया

मुरुगैया ने अपनी शिकायत जिला पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर कार्यालय में भी दी थी। बुधवार को वह परिवार के सदस्यों के साथ अपनी शिकायत के संबंध में जानकारी लेने कलेक्टर कार्यालय पहुंचे थे। इसी दौरान प्रभारी मंत्री राजीव भी वहां पहुंचे।

मुरुगैया और उनके परिवार ने मंत्री की गाड़ी रोककर अपनी समस्या बताई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी जमीन पर कब्जा किया गया है और शिकायत के बावजूद उन्हें अब तक न्याय नहीं मिला है।

दिव्यांग ने लगाया 9 एकड़ जमीन पर कब्जे का आरोप, विधायक समेत 6 पर केस; मंत्री की गाड़ी रोककर मांगा न्याय

मंत्री ने दिए जांच के निर्देश

मुरुगैया की बात सुनने के बाद मंत्री राजीव ने जिला कलेक्टर के सहायक को बुलाया। उन्होंने मामले की उचित जांच करने और जांच के नतीजे से मुरुगैया को अवगत कराने के निर्देश दिए।

हालांकि, जमीन पर कथित कब्जे और धोखाधड़ी से जुड़े आरोपों की अभी जांच चल रही है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

जमीन विवाद ने पकड़ा राजनीतिक रंग

मामले में DMK विधायक का नाम सामने आने के बाद राजनीतिक चर्चा भी तेज हो गई है। शिकायतकर्ता ने जमीन के दस्तावेजों और कथित तौर पर किए गए ट्रांसफर की जांच की मांग की है। पुलिस अब राजस्व रिकॉर्ड, जमीन के दस्तावेज और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच कर रही है।

मंदिर की जमीन पर भी कार्रवाई की बात

तमिलनाडु में मंदिरों की संपत्तियों पर कथित अवैध कब्जे को लेकर भी सरकार पहले सख्त कार्रवाई की बात कह चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजी सबूतों के आधार पर शिकायत मिलने पर जमीन से जुड़े मामलों की जांच की जाएगी।

नोट: विधायक और अन्य आरोपियों पर लगाए गए जमीन कब्जे व धोखाधड़ी के आरोप फिलहाल जांच के दायरे में हैं। आरोप साबित होना अभी बाकी है।

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