
नालासोपारा में 23 वर्षीय युवती की शिकायत के बाद गिरफ्तार जिम ट्रेनर आरिफ अय्यूब शेख का मामला अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। BJP नेताओं ने CID जांच की मांग उठाई है, जबकि पुलिस आरोपी के मोबाइल, वीडियो और सोशल मीडिया गतिविधियों की फॉरेंसिक जांच कर रही है।
शिकायत के बाद आरोपी गिरफ्तार
पालघर जिले के नालासोपारा में एक 23 वर्षीय युवती ने जिम ट्रेनर आरिफ अय्यूब शेख पर शादी का झांसा देकर बार-बार दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है। युवती ने आरोपी और उसके परिवार से जुड़े अन्य लोगों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।
BJP नेताओं ने उठाई CID जांच की मांग
मामला सामने आने के बाद BJP नेता किरीट सोमैया और चित्रा वाघ ने CID जांच की मांग की है। दोनों नेताओं ने आरोपों की गंभीरता को देखते हुए मामले की विस्तृत जांच की जरूरत बताई है। हालांकि, मामले में लगाए गए सभी आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
मोबाइल फोन से मिले डिजिटल सबूत
पुलिस के मुताबिक आरोपी के मोबाइल फोन में कई वीडियो और तस्वीरें मिली हैं। अधिकारियों ने बताया कि फोन का तकनीकी विश्लेषण और फॉरेंसिक परीक्षण कराया जा रहा है। जांच में आरोपी के कई डेटिंग प्लेटफॉर्म के जरिए महिलाओं के संपर्क में रहने की बात भी सामने आई है।

शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि आरोपी कई महिलाओं के अंतरंग वीडियो रिकॉर्ड करता था और उन्हें ऑनलाइन बेचने की बात सामने आई है। वीडियो की वास्तविक संख्या और उनके इस्तेमाल की पुष्टि डिजिटल फॉरेंसिक जांच के बाद ही होगी।
धर्म परिवर्तन और मारपीट के भी आरोप
शिकायत में युवती ने आरोप लगाया कि आरोपी और उसकी मां ने उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया। विरोध करने पर मारपीट किए जाने का भी दावा किया गया है। आरोपी के चचेरे भाई पर भी कथित यौन उत्पीड़न की कोशिश का आरोप लगाया गया है। पुलिस इन आरोपों की अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रही है।
गरबा विवाद से भी जुड़ा मामला
इस केस का एक दूसरा पहलू नवरात्रि और गरबा से जुड़ा है। 9 अक्टूबर को एक जिम में महिलाओं को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का वीडियो सामने आने के बाद विवाद बढ़ा। पुलिस ने इस शिकायत को अलग मामले के तौर पर जांच के दायरे में लिया है।
अब डिजिटल जांच पर टिकी नजर
मामले में मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट, चैट, वीडियो फाइल और संभावित ऑनलाइन लेन-देन की जांच बेहद महत्वपूर्ण होगी। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल थे। फिलहाल पुलिस जांच आगे बढ़ा रही है और CID जांच की मांग पर भी राजनीतिक दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है।
