राज्य

मोगा में स्वाइन फ्लू को लेकर अलर्ट, 3 मरीज मिले पॉजिटिव; जानें लक्षण और बचाव के तरीके

मोगा जिले में स्वाइन फ्लू के मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। विभाग के अनुसार, दो दिन पहले बासुराना, कोटइसे खां और मोगा शहर से तीन मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई थी। राहत की बात है कि तीनों मरीज अब स्वस्थ बताए जा रहे हैं।

तीन मरीजों में हुई थी पुष्टि

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, जिले के अलग-अलग इलाकों से स्वाइन फ्लू के तीन मरीज सामने आए थे। बासुराना, कोटइसे खां और मोगा शहर से मिले मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, उपचार और निगरानी के बाद अब तीनों मरीजों के स्वस्थ होने की जानकारी है। हालांकि, संक्रमण को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

कैसे फैलता है स्वाइन फ्लू?

स्वाइन फ्लू एक श्वसन संबंधी संक्रामक बीमारी है, जो इन्फ्लूएंजा टाइप-ए वायरस के कारण होती है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने के दौरान निकलने वाली बूंदों के संपर्क में आने से संक्रमण फैल सकता है।

इसलिए सर्दी-खांसी या फ्लू जैसे लक्षण वाले व्यक्ति के संपर्क में आने पर विशेष सावधानी बरतना जरूरी है।

मोगा में स्वाइन फ्लू को लेकर अलर्ट, 3 मरीज मिले पॉजिटिव; जानें लक्षण और बचाव के तरीके

ये हैं स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षण

स्वाइन फ्लू में सामान्य फ्लू जैसे कई लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इनमें प्रमुख हैं:

  • तेज बुखार और ठंड लगना
  • लगातार खांसी
  • गले में खराश या दर्द
  • सांस लेने में परेशानी
  • छाती में भारीपन
  • सिरदर्द
  • मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द
  • अत्यधिक कमजोरी
  • कुछ मामलों में उल्टी या दस्त

हर व्यक्ति में सभी लक्षण दिखाई दें, यह जरूरी नहीं है। लक्षणों की गंभीरता अलग-अलग हो सकती है।

संक्रमण से बचने के लिए क्या करें?

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अनावश्यक रूप से जाने से बचने की सलाह दी है। जरूरत पड़ने पर मास्क का इस्तेमाल करना और हाथों को साबुन-पानी से बार-बार साफ करना भी जरूरी है।

बिना हाथ धोए आंख, नाक और मुंह को छूने से बचना चाहिए। सर्दी-खांसी से पीड़ित व्यक्ति से कम से कम एक मीटर की दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।

बुजुर्गों और बच्चों का रखें खास ध्यान

बुजुर्गों, बच्चों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को फ्लू संक्रमण से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, डॉक्टर की सलाह के मुताबिक हर साल फ्लू का टीका लगवाया जा सकता है।

इसके अलावा पौष्टिक भोजन लेने, पर्याप्त आराम करने और शरीर को हाइड्रेटेड रखने पर भी ध्यान देना चाहिए।

लक्षण दिखें तो खुद से दवा न लें

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर खुद से दवा लेने से बचें। तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी या अन्य गंभीर लक्षण होने पर नजदीकी सरकारी या निजी अस्पताल में चिकित्सक से जांच करवानी चाहिए।

मोगा में सामने आए मामलों के बाद फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की सलाह यही है कि घबराने के बजाय सावधानी बरती जाए। समय पर जांच और चिकित्सकीय सलाह संक्रमण से जुड़ी जटिलताओं के जोखिम को कम करने में मदद कर सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button