देशराजनीति

CJP के समर्थन में जगन मोहन रेड्डी, चुनाव आयोग पर रुख बदलने से बढ़ी सियासी हलचल

कॉकरोच जनता पार्टी के चुनाव आयोग से जुड़े विरोध प्रदर्शन के बीच आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी के रुख ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। NDA को कई मुद्दों पर समर्थन देने वाले रेड्डी ने अब चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए CJP के मुद्दे का समर्थन किया है।

CJP के समर्थन में आए जगन मोहन रेड्डी

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ CJP के प्रदर्शन और उससे जुड़े विवाद के बीच वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने चुनाव आयोग को लेकर चिंता जाहिर की है।

रेड्डी के रुख को इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि उनकी पार्टी कई मौकों पर संसद में NDA सरकार के पक्ष में खड़ी रही है। ऐसे में चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दे पर उनकी आलोचना विपक्षी खेमे के लिए राजनीतिक रूप से अहम मानी जा रही है।

चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर सवाल

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जगन मोहन रेड्डी ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की मौजूदा प्रक्रिया पर अफसोस जताया। उन्होंने कहा कि अब उन्हें लगता है कि उस प्रक्रिया से सहमत नहीं होना चाहिए था, जिसमें प्रधानमंत्री, प्रधानमंत्री द्वारा नामित एक केंद्रीय मंत्री और विपक्ष के नेता वाली समिति चुनाव आयुक्तों के चयन में भूमिका निभाती है।

रेड्डी ने इस व्यवस्था में बदलाव की मांग करते हुए चयन समिति में भारत के मुख्य न्यायाधीश को शामिल करने की बात कही है।

YSRCP ने बताया मुद्दा आधारित समर्थन

YSRCP के एक नेता ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पार्टी मुद्दों के आधार पर NDA का समर्थन करती है। उनके मुताबिक, इस मामले में सरकार की ओर से जनता को अधिक आश्वासन दिए जाने की जरूरत है।

CJP के समर्थन में जगन मोहन रेड्डी, चुनाव आयोग पर रुख बदलने से बढ़ी सियासी हलचल

इस बयान से संकेत मिलता है कि जगन मोहन रेड्डी का रुख फिलहाल किसी व्यापक राजनीतिक गठबंधन की घोषणा से ज्यादा एक विशेष मुद्दे पर केंद्रित है।

वोटों की कथित कटौती का भी मुद्दा

YSRCP नेता ने आंध्र प्रदेश की राजनीति का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्षी पार्टी होने के नाते उन्हें उन लोगों के साथ खड़ा होना चाहिए जिनके वोट कथित तौर पर गैरकानूनी तरीके से काटे गए हैं।

उन्होंने आंध्र प्रदेश की मौजूदा सरकार और राज्य चुनाव आयोग को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। हालांकि, ये राजनीतिक आरोप हैं और संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया अलग हो सकती है।

सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी

CJP के प्रदर्शन से जुड़े मामले में सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी भी राजनीतिक विवाद का हिस्सा बनी हुई है। दोनों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था और बाद में न्यायिक हिरासत में भेजा गया।

CJP इन गिरफ्तारियों को लेकर लगातार विरोध कर रही है और इसे राजनीतिक अधिकारों से जोड़ रही है। वहीं, मामले में पुलिस और अदालत की प्रक्रिया अलग कानूनी दायरे में चल रही है।

NDA की राजनीति पर कितना असर?

जगन मोहन रेड्डी का यह रुख NDA के लिए तत्काल राजनीतिक नुकसान में बदलेगा या नहीं, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी। उनकी पार्टी का केंद्र सरकार के साथ संबंध कई मुद्दों पर समर्थन और विरोध के आधार पर रहा है।

लेकिन चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और नियुक्ति प्रक्रिया जैसे संवेदनशील मुद्दे पर रेड्डी की टिप्पणी निश्चित रूप से विपक्ष को सरकार पर दबाव बनाने का एक और अवसर देती है।

जगन मोहन रेड्डी का बयान फिलहाल किसी नए गठबंधन से ज्यादा चुनावी संस्थाओं और नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाने के रूप में सामने आया है। फिर भी CJP के आंदोलन के बीच उनका समर्थन इस विवाद को आंध्र प्रदेश की राजनीति से आगे राष्ट्रीय स्तर की बहस में ले जाने की क्षमता रखता है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button