भरत तिवारी एनकाउंटर केस में बड़ा एक्शन, पांच पुलिसकर्मियों पर एफआईआर

बिहार के भोजपुर जिले में चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। भरत तिवारी की मां आशा देवी की शिकायत के आधार पर पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की गई है। भोजपुर के पुलिस अधीक्षक राज ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है। घटना के बाद शाहपुर थाने में आवेदन दिया गया था, जिसके आधार पर मामला दर्ज किया गया।
पहले ही निलंबित किए जा चुके हैं पांच पुलिसकर्मी
इस मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस विभाग पहले ही पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर चुका है। इनमें तत्कालीन शाहपुर थानाध्यक्ष राजेश कुमार मालाकार, पुलिस अवर निरीक्षक अंकित आर्यन, हरश्चंद्र कुमार, सहायक अवर निरीक्षक रामाशंकर यादव और महिला सिपाही मीरा कुमारी शामिल हैं। विभागीय जांच के साथ-साथ अब कानूनी प्रक्रिया भी आगे बढ़ेगी।

आवेदन में लगाए गए गंभीर आरोप
आशा देवी ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि उनका बेटा भरत भूषण तिवारी बाढ़ विस्थापितों के मुद्दों को लेकर लगातार संघर्ष कर रहा था। शिकायत के अनुसार घटना वाले दिन पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे और भरत तिवारी को अपने साथ ले गए। आवेदन में दावा किया गया है कि फेसबुक लाइव के दौरान भरत तिवारी ने अपना हथियार फेंक दिया था और पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था।
एनकाउंटर की निष्पक्ष जांच की मांग
परिजनों का आरोप है कि आत्मसमर्पण के बावजूद पुलिसकर्मियों ने भरत तिवारी को जमीन पर गिराकर कई गोलियां मारीं। आवेदन में यह भी कहा गया है कि उन्हें पांच गोलियां लगी थीं। परिवार ने आरोप लगाया है कि घटना के बाद उन्हें कई घंटों तक सही जानकारी नहीं दी गई और बाद में मौत की सूचना दी गई। अब एफआईआर दर्ज होने के बाद मामले की जांच और तेज होने की संभावना है। यह मामला बिहार की राजनीति और कानून-व्यवस्था को लेकर भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
