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Steve Smith की कप्तानी में पहली Ashes हार, ऑस्ट्रेलिया Melbourne Test में इंग्लैंड से हारा

Steve Smith: ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही 5 मैचों की एशेज 2025-26 टेस्ट सीरीज़ का चौथा मुकाबला महज दो दिन में ही समाप्त हो गया। मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) पर खेले गए इस बॉक्सिंग डे टेस्ट में इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को 4 विकेट से हरा दिया। यह मुकाबला पूरी तरह से गेंदबाजों के नाम रहा, जहां दोनों टीमों के बल्लेबाज बुरी तरह संघर्ष करते नजर आए। मैच के सिर्फ दो दिनों में कुल 36 विकेट गिरे और कोई भी टीम किसी भी पारी में 200 रन का आंकड़ा पार नहीं कर सकी। तेज और उछाल भरी पिच ने बल्लेबाजों की परीक्षा ली, वहीं गेंदबाजों ने हालात का भरपूर फायदा उठाया। हालांकि ऑस्ट्रेलिया पहले ही शुरुआती तीन टेस्ट जीतकर सीरीज़ में अजेय बढ़त बना चुका था, इसलिए इस हार से सीरीज़ के परिणाम पर खास असर नहीं पड़ा, लेकिन यह मुकाबला कई रिकॉर्ड्स के लिहाज से बेहद खास बन गया।

स्टीव स्मिथ के कप्तान रहते पहली एशेज हार

इस टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया की हार ने कप्तान स्टीव स्मिथ का एक खास रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले जब-जब स्टीव स्मिथ ने एशेज सीरीज़ में ऑस्ट्रेलिया की कप्तानी की थी, टीम को कभी हार का सामना नहीं करना पड़ा था। या तो ऑस्ट्रेलिया ने मैच जीता था या मुकाबला ड्रॉ रहा था। लेकिन बॉक्सिंग डे टेस्ट में इंग्लैंड की जीत के साथ ही यह आठ साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया। दरअसल, इस सीरीज़ में नियमित कप्तान पैट कमिंस की गैरमौजूदगी में स्मिथ टीम की कमान संभाल रहे हैं। स्मिथ ने पहली बार 2017 की एशेज सीरीज़ में कप्तानी की थी। इस मैच से पहले उनके नेतृत्व में खेले गए 8 एशेज टेस्ट मैचों में ऑस्ट्रेलिया ने 7 जीते थे और 1 मैच ड्रॉ रहा था। मेलबर्न टेस्ट उनकी कप्तानी में एशेज की नौवीं टेस्ट मैच थी, जिसमें टीम को पहली बार हार का सामना करना पड़ा।

एशेज इतिहास का चौथा सबसे छोटा टेस्ट मैच

मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर खेला गया यह बॉक्सिंग डे टेस्ट एशेज इतिहास के सबसे छोटे मुकाबलों में शामिल हो गया है। गेंदों की संख्या के हिसाब से यह एशेज का चौथा सबसे छोटा टेस्ट मैच रहा। इस मुकाबले में कुल 852 गेंदें फेंकी गईं। एशेज इतिहास का सबसे छोटा टेस्ट 1988 में ओल्ड ट्रैफर्ड में खेला गया था, जहां केवल 788 गेंदों में मैच खत्म हो गया था। इसके अलावा, यह एशेज इतिहास का सातवां ऐसा टेस्ट मैच रहा, जो दो दिन के भीतर समाप्त हुआ। खास बात यह भी है कि ऑस्ट्रेलिया में यह केवल दूसरी बार हुआ है जब कोई एशेज टेस्ट दो दिन में खत्म हुआ हो। इससे पहले यह कारनामा पर्थ स्टेडियम में इसी 2025-26 एशेज सीरीज़ के दौरान देखने को मिला था।

गेंदबाजों की बादशाहत, बल्लेबाजों की अग्निपरीक्षा

इस टेस्ट मैच ने साफ तौर पर दिखा दिया कि जब पिच से गेंदबाजों को मदद मिलती है, तो टेस्ट क्रिकेट कितना रोमांचक हो सकता है। दोनों टीमों के तेज गेंदबाजों ने अनुशासित लाइन-लेंथ और आक्रामक रवैये के साथ बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का कोई मौका नहीं दिया। बल्लेबाज लगातार स्विंग और सीम मूवमेंट से परेशान नजर आए। मैच का नतीजा भले ही ऑस्ट्रेलिया के लिए सीरीज़ के लिहाज से नुकसानदेह न रहा हो, लेकिन इस हार ने इंग्लैंड को आत्मविश्वास जरूर दिया है। वहीं, ऑस्ट्रेलिया के लिए यह मैच एक चेतावनी भी है कि अगला टेस्ट जीतने के लिए बल्लेबाजी में सुधार जरूरी होगा। एशेज 2025-26 सीरीज़ अब अपने आखिरी पड़ाव की ओर बढ़ रही है, और यह मुकाबला लंबे समय तक अपनी तेजी, रिकॉर्ड्स और स्टीव स्मिथ के टूटे रिकॉर्ड के लिए याद रखा जाएगा।

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