NEET का पेपर छूटने पर रेलवे पर लगा 9 लाख रुपये का जुर्माना, 7 साल बाद आया बड़ा फैसला

उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में उपभोक्ता अदालत ने रेलवे विभाग को 9 लाख 10 हजार रुपये के भारी जुर्माने के आदेश दिए हैं। यह फैसला एक ऐसी छात्रा समृद्धि के हक में आया है, जिसकी नीट परीक्षा ट्रेन की देरी के कारण छूट गई थी। समृद्धि ने 2018 में रेलवे की लापरवाही को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी, और सात साल बाद अदालत ने उसकी शिकायत को सही ठहराते हुए रेलवे पर यह जुर्माना लगाया।
समृद्धि ने बस्ती से लखनऊ के लिए इंटरसिटी सुपरफास्ट ट्रेन का टिकट लिया था। निर्धारित समय 11 बजे लखनऊ पहुंचना था, लेकिन ट्रेन लगभग ढाई घंटे लेट पहुंची। इस वजह से वह अपने नीट परीक्षा केंद्र पर समय पर नहीं पहुंच सकी और उसका सालों का मेहनत बर्बाद हो गया। उसने न्याय के लिए जिला उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया।
कोर्ट ने रेलवे के इस रवैये को गंभीरता से लिया और कहा कि रेलवे ने समय पर ट्रेन नहीं पहुंचाकर न केवल उसकी पढ़ाई का नुकसान किया बल्कि जीवन के एक अहम मौके को भी छीन लिया। कोर्ट ने रेलवे को 45 दिनों के अंदर 9 लाख 10 हजार रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया है। साथ ही अगर रेलवे भुगतान में देरी करता है तो उसे मूल राशि के साथ 12 प्रतिशत ब्याज भी देना होगा।
यह मामला रेलवे प्रशासन के लिए चेतावनी है कि यात्रियों की जिम्मेदारी को हल्के में नहीं लिया जा सकता। साथ ही यह छात्रों और आम जनता के लिए न्याय का संदेश भी है कि वे अपने अधिकारों के लिए लड़ सकते हैं।
