रेस्क्यू ऑपरेशन में नया मोड़. मलबे से निकाले गए लोग. मौतों का आंकड़ा बढ़ा

मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में कोतमा बस स्टैंड के पास स्थित अग्रवाल लॉज की चार मंजिला इमारत अचानक ढह जाने से इलाके में हड़कंप मच गया। यह हादसा शनिवार शाम करीब 5:30 बजे हुआ और आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना का पूरा दृश्य पास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गया है। अचानक तेज आवाज के साथ इमारत गिरने से स्थानीय लोग दहशत में आ गए और तुरंत प्रशासन को सूचना दी गई।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी एनडीआरएफ और एसडीआरएफ सक्रिय
घटना के बाद से ही रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। जबलपुर से आई एनडीआरएफ की टीमों के साथ एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। अब तक मलबे से सात लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है जबकि तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। पहले अलग आंकड़े सामने आए थे लेकिन जैसे जैसे रेस्क्यू आगे बढ़ रहा है स्थिति स्पष्ट होती जा रही है। जिला प्रशासन ने मलबा हटाने का काम तेज कर दिया है और अनुमान है कि यह कार्य अगले 8 से 10 घंटे तक जारी रह सकता है।

प्रशासन की सक्रियता और मुआवजे की घोषणा
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मंत्री दिलीप अहिरवार ने बताया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर सभी संबंधित एजेंसियों को तुरंत कार्रवाई में लगाया गया है। उन्होंने घटना को दुखद बताते हुए कहा कि बचाव दल लगातार काम कर रहे हैं और घायलों का इलाज सुनिश्चित किया जा रहा है। जिला प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को ₹9 लाख और घायलों को ₹2.5 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
इमारत गिरने के कारणों की जांच जारी
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इमारत के पास स्थित एक घर में भूमिगत खुदाई का काम चल रहा था जिससे संभवतः इमारत की नींव कमजोर हो गई। इसी कारण अचानक पूरी चार मंजिला संरचना भरभराकर गिर गई। जिला कलेक्टर हर्षल पंचोली ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद घटना के कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी। फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और राहत कार्यों को तेजी से पूरा करने पर केंद्रित है।
