दिल्ली प्रदर्शन पर पुलिस का बड़ा एक्शन: 20 से ज्यादा FIR दर्ज, CCTV से उपद्रवियों की पहचान

दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। कानून-व्यवस्था के उल्लंघन, सरकारी कामकाज में बाधा और पुलिसकर्मियों पर हमले जैसे आरोपों में 20 से अधिक FIR दर्ज की गई हैं। वहीं, वायरल वीडियो और CCTV फुटेज के जरिए आरोपियों की पहचान की जा रही है। राजधानी में दोबारा प्रदर्शन की आशंका के बीच सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है।
20 से ज्यादा FIR, कई थानों में दर्ज हुए मामले
राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और सरकारी कामकाज में बाधा डालने के मामलों में दिल्ली पुलिस ने 20 से अधिक प्राथमिकी दर्ज की हैं। इन मामलों में पुलिसकर्मियों पर हमले के आरोप भी शामिल हैं।
जानकारी के मुताबिक, कनॉट प्लेस, कर्तव्य पथ और बाराखंबा समेत कई थाना क्षेत्रों में FIR दर्ज की गई हैं। पुलिस वायरल वीडियो और CCTV कैमरों की फुटेज खंगालकर प्रदर्शन के दौरान हंगामा करने वाले लोगों की पहचान करने में जुटी है। पुलिस का फोकस आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने पर है।
दिल्ली में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम
रविवार, 11 अक्टूबर को भी राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में सुबह 10 बजे जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने का ऐलान किया था।
प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 30 हजार से अधिक पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों की तैनाती की तैयारी की गई। पुलिस ने प्रस्तावित प्रदर्शन को अनुमति नहीं दी थी।
शनिवार को कई प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए
इससे पहले शनिवार, 10 अक्टूबर को प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पहुंचने से रोकने के लिए पुलिस ने बड़े स्तर पर कार्रवाई की थी। इस दौरान कई लोगों को हिरासत में लिया गया। प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के बाद दिल्ली की सीमाओं, रेलवे स्टेशनों, बस टर्मिनलों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई थी।
प्रशासन की कोशिश है कि राजधानी में कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी भी संवेदनशील स्थान पर अप्रिय घटना न हो।

सोशल मीडिया पर भी पुलिस की नजर
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की 120 से अधिक कंपनियों की तैनाती की जानकारी सामने आई। नई दिल्ली जिले को 20 जोन में बांटकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निगरानी की जिम्मेदारी दी गई।
इसके अलावा दिल्ली की सीमाओं पर जांच तेज की गई। होटलों, गेस्ट हाउसों, लॉज और धर्मशालाओं में भी सत्यापन किया जा रहा है। पुलिस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नजर रख रही है, ताकि प्रदर्शन के लिए लोगों को जुटाने से जुड़ी गतिविधियों का पता लगाया जा सके।
यातायात प्रभावित होने की आशंका
प्रदर्शन की संभावना के बीच दिल्ली यातायात पुलिस ने नई दिल्ली और मध्य दिल्ली में ट्रैफिक बाधित होने की आशंका जताई। रेलवे स्टेशन, अंतरराज्यीय बस टर्मिनल और हवाई अड्डे की ओर जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह दी गई।
यात्रियों से कहा गया कि वे यात्रा से पहले आधिकारिक ट्रैफिक एडवाइजरी और घोषणाओं की जानकारी लें। जरूरत पड़ने पर कुछ मार्गों पर प्रतिबंध या डायवर्जन लागू किए जा सकते हैं।
SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे पर विवाद
CJP मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है। पार्टी ने मांगें पूरी होने तक विभिन्न राज्यों में आंदोलन जारी रखने की बात कही है।
वहीं, पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और सुरक्षाकर्मियों के साथ सहयोग करने की अपील की है। प्रदर्शन के दौरान दर्ज मामलों में आगे की कार्रवाई जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।
दिल्ली प्रदर्शन मामला: आगे क्या होगा?
दिल्ली में प्रदर्शन के बाद पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। 20 से अधिक FIR दर्ज होने और CCTV फुटेज के आधार पर पहचान किए जाने से मामले में आगे और कार्रवाई हो सकती है। हालांकि, आरोपों की पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी। फिलहाल राजधानी में सुरक्षा, यातायात और कानून-व्यवस्था पर पुलिस की निगरानी बनी हुई है।
