India England 5th Test: ओवल टेस्ट में 6 रन पहले ही सिमटा इंग्लैंड, भारत ने फिर से रचा जीत का इतिहास

India England 5th Test: ओवल टेस्ट के पांचवें दिन का खेल मुश्किल से एक घंटे चलने वाला था, क्योंकि इंग्लैंड को जीत के लिए सिर्फ 35 रनों की जरूरत थी। लेकिन इस छोटे से रनचेज को देखने के लिए हजारों फैंस मैदान पर पहुंच गए थे। मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा की घातक गेंदबाज़ी ने इंग्लैंड की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। इंग्लैंड को 6 रन पहले ही ऑलआउट कर दिया गया और जैसे ही सिराज ने गस एटकिंसन को आउट किया, टीम इंडिया ने ऐतिहासिक जीत दर्ज कर ली। मैदान पर भारतीय खिलाड़ियों की खुशी का ठिकाना नहीं था, तो वहीं ड्रेसिंग रूम में भी जश्न का माहौल देखने को मिला।
मोरने मोर्केल ने उठाया गंभीर को गोद में
जैसे-जैसे मैच रोमांचक मोड़ पर पहुंचा, भारतीय ड्रेसिंग रूम में मौजूद सपोर्ट स्टाफ की धड़कनें भी बढ़ती जा रही थीं। बीसीसीआई ने एक वीडियो क्लिप साझा की है, जिसमें मैच की आखिरी दो विकेटों का रोमांच और ड्रेसिंग रूम का रिएक्शन देखा जा सकता है। इंग्लैंड के आखिरी बल्लेबाज़ों को बार-बार चकमा दे रहे थे भारतीय गेंदबाज़ और जैसे ही आखिरी विकेट गिरा, गौतम गंभीर बच्चों की तरह ताली बजाते और खुशी से उछलते नज़र आए। गेंदबाज़ी कोच मोर्ने मोर्केल ने तो खुशी में गंभीर को गोद में उठा लिया।
𝗕𝗲𝗹𝗶𝗲𝗳. 𝗔𝗻𝘁𝗶𝗰𝗶𝗽𝗮𝘁𝗶𝗼𝗻. 𝗝𝘂𝗯𝗶𝗹𝗮𝘁𝗶𝗼𝗻!
Raw Emotions straight after #TeamIndia's special win at the Kennington Oval 🔝#ENGvIND pic.twitter.com/vhrfv8ditL
— BCCI (@BCCI) August 4, 2025
भावुक हुए कोच गौतम गंभीर, जडेजा ने भी मनाया अनोखा जश्न
गौतम गंभीर की भावनाएं सिराज की गेंद पर मिली जीत के साथ बाहर आ गईं। जैसे ही गस एटकिंसन का विकेट गिरा, गंभीर इतना भावुक हो गए कि वह मोर्ने मोर्केल से लिपट गए और उनके गोद में झूलने लगे। जब वह मैदान पर आए तो रविंद्र जडेजा ने भी उन्हें गोद में उठा लिया और खुशी का अनोखा अंदाज़ दिखाया। यह दृश्य भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए बेहद खास था, क्योंकि इससे साफ झलकता है कि यह जीत केवल एक मैच नहीं थी, बल्कि टीम की मेहनत, भावना और संकल्प का प्रतीक थी।
सिराज की शानदार गेंदबाज़ी, स्टोक्स ने भी की तारीफ
इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स भी भारतीय टीम की तारीफ किए बिना नहीं रह सके। उन्होंने खासतौर पर मोहम्मद सिराज के प्रदर्शन की सराहना की। सिराज ने ओवल टेस्ट में कुल 9 विकेट झटके और पूरी सीरीज में 23 बल्लेबाजों को पवेलियन लौटाया। सिराज की लय, लाइन और आत्मविश्वास ने अंग्रेज़ बल्लेबाज़ों को संभलने का कोई मौका नहीं दिया। उनके अलावा प्रसिद्ध कृष्णा की सधी हुई गेंदबाज़ी ने भी दबाव बनाए रखा। इस जीत के बाद भारत ने न केवल सीरीज अपने नाम की, बल्कि यह भी दिखा दिया कि विदेशी ज़मीन पर भी अब वह पूरी ताकत से जीतने में सक्षम है।