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Hyderabad News: हैदराबाद में शादी न होने के तनाव ने युवक को ले डाला 20 मंजिला इमारत से मौत के कगार तक

Hyderabad News: हैदराबाद के अत्तापुर इलाके में एक 30 वर्षीय युवक प्रवीण ने लंबे समय से विवाह न होने की वजह से मानसिक दबाव और डिप्रेशन के चलते आत्महत्या कर ली। शादी न होने और बार-बार रिश्ते तय न हो पाने से प्रवीण खुद को अकेला और असहाय महसूस करने लगे थे। परिवार और दोस्तों की शादियों को देखकर तथा बार-बार “तुम्हारी शादी कब होगी?” जैसे सवाल सुनकर उनका मानसिक तनाव और बढ़ गया। बताया जा रहा है कि कुछ दिनों से वह काफी परेशान थे और इसी वजह से उन्होंने यह दुखद कदम उठाया। रविवार को वह 20 मंजिला इमारत से कूद गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

परिवार और समाज की भूमिका पर सवाल

प्रवीण के परिवार और करीबी लोगों का कहना है कि शादी न होने की वजह से वह डिप्रेशन में थे और खुद को समाज से कटता महसूस कर रहे थे। अक्सर लोग इस तरह के मामलों में मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी कर देते हैं, जिससे स्थिति और खराब हो जाती है। शादी को लेकर सामाजिक दबाव और तानों ने प्रवीण के मनोबल को तोड़ा। ऐसे मामलों में परिवार और समाज को सहानुभूति और मदद का हाथ बढ़ाना चाहिए ताकि व्यक्ति खुद को अकेला न समझे। यह घटना हमारे सामाजिक और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संकेत भी है।

Hyderabad News: हैदराबाद में शादी न होने के तनाव ने युवक को ले डाला 20 मंजिला इमारत से मौत के कगार तक

जीवन के कठिन दौर में मदद के लिए उपलब्ध संसाधन

डिप्रेशन या मानसिक तनाव से जूझ रहे लोगों के लिए कई स्वयंसेवी संगठन और सरकारी helpline नंबर उपलब्ध हैं, जो निशुल्क काउंसलिंग और सहायता प्रदान करते हैं। केंद्रीय सरकार के तहत चलने वाली Tele-MANAS सेवा 24 घंटे उपलब्ध है, जिसका नंबर 14416 या 1800 891 4416 है। हैदराबाद में ‘रोशनी’ नामक संगठन डिप्रेशन और आत्महत्या के विचारों वाले लोगों को सलाह देता है, फोन नंबर 040-66202000 या 040-66202001 है। इसके अलावा ‘आसरा’ और ‘वनलाइफ’ जैसे अन्य हेल्पलाइन भी 24/7 सहायता देते हैं। इन सेवाओं का लाभ लेकर कई लोग अपने मनोवैज्ञानिक संकट से बाहर निकल सकते हैं।

अकेले न रहें, मदद मांगने से डिप्रेशन से राहत मिलती है

मानसिक तनाव और डिप्रेशन एक बीमारी है, जिसे सही समय पर उपचार और सहायता से पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। यदि आप या आपके परिचित किसी मानसिक संघर्ष से गुजर रहे हैं तो अपने मन की बातें करीबी दोस्तों, परिवार या किसी विशेषज्ञ से साझा करें। जीवन में ऐसी परिस्थितियां आती हैं जिनमें सहायता लेना जरूरी होता है। अगर किसी के जीवन को खतरा दिखाई दे तो तुरंत पुलिस (100) या एम्बुलेंस (108) को सूचित करें। यह याद रखना जरूरी है कि अकेलेपन और मानसिक दबाव से उबरना संभव है, बस जरूरत है सही समय पर सही मदद लेने की।

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