GST रिफॉर्म्स 22 सितंबर से लागू, टैक्स घटने से रोजगार और GDP को बढ़ावा मिलने की उम्मीद

भारत सरकार ने 79वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद GST में बड़े सुधार किए हैं। जीएसटी परिषद की बैठक में चार टैक्स स्लैब को घटाकर दो कर दिए गए और अधिकांश रोज़मर्रा की वस्तुओं पर टैक्स को या तो पूरी तरह हटा दिया गया या काफी कम कर दिया गया। यह बदलाव 22 सितंबर 2025 से लागू होगा। यह कदम घरेलू अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने और आम जनता के लिए वस्तुओं को सस्ता बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे सरकार की टैक्स आय पर थोड़ा दबाव पड़ेगा, लेकिन अर्थव्यवस्था और रोजगार पर इसका सकारात्मक असर होगा। इसके साथ ही यह जीडीपी की वृद्धि दर को भी तेज करेगा।
व्यापारियों और उद्योगपतियों की प्रतिक्रियाएं
इस निर्णय को भारतीय व्यापार जगत ने स्वागत योग्य कदम बताया है। एडेलवाइस एसेट मैनेजमेंट की एमडी और सीईओ, राधिका गुप्ता, ने इसे चुनौतीपूर्ण समय में एक प्रगतिशील कदम कहा और बताया कि यह मांग और सकारात्मक प्रवृत्तियों को मजबूत करेगा। उद्योगपति हर्ष गोयनका ने इसे आम लोगों के लिए दिवाली का तोहफा बताया और कहा कि रोज़मर्रा की जरूरी वस्तुओं, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि संबंधी सामग्री के दाम घटाए गए हैं।
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महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने भी इसे सकारात्मक कदम कहा और बताया कि ऐसे सुधार निवेश और खपत को बढ़ावा देंगे और भारत की वैश्विक स्थिति को मजबूत करेंगे। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के प्रसिद्ध उपदेश का हवाला देते हुए और अधिक सुधारों की आवश्यकता पर जोर दिया।
उद्योग जगत की सकारात्मक प्रतिक्रिया
उद्योग जगत ने GST 2.0 को लेकर उत्साह व्यक्त किया है। इन्क्रेड वेल्थ के सीईओ नितिन राव ने कहा कि सरकार का ध्यान श्रम-प्रधान उद्योगों को राहत देने और वस्तुओं को सस्ता बनाने पर केंद्रित है। मुथूट माइक्रोफिन की सीईओ सादफ़ सईद ने कहा कि वित्तीय और मौद्रिक नीतियों के साथ हाल ही में RBI द्वारा 0.5 प्रतिशत की दर में कटौती और सरकार का जीएसटी सुधारों का निर्णय भारत की आर्थिक वृद्धि को तेज करेगा।
We have now joined the battle…
More and faster reforms are the surest way to unleash consumption and investment.
Those, in turn, will expand the economy and amplify India’s voice in the world.But let’s remember the famous exhortation of Swami Vivekananda:
“Arise, awake, and… https://t.co/rDoRtjsCw1— anand mahindra (@anandmahindra) September 3, 2025
साथ ही, कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) के डायरेक्टर जनरल चंद्रजीत बनर्जी ने इसे बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि रोज़मर्रा की जरूरी वस्तुओं और कच्चे माल पर दरों में कमी केवल परिवारों को तुरंत राहत नहीं देगी, बल्कि यह देश की दीर्घकालिक विकास नींव भी मजबूत करेगी।
वित्त मंत्री के आधिकारिक बयान और सुधारों का विवरण
इन प्रतिक्रियाओं से पहले, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को रोज़मर्रा की जरूरी वस्तुओं, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और कृषि वस्तुओं पर जीएसटी दरों में कटौती की घोषणा की। 56वें जीएसटी परिषद की बैठक में टैक्स स्लैब को चार से घटाकर दो कर दिया गया और 28 प्रतिशत और 12 प्रतिशत के स्लैब पूरी तरह हटा दिए गए। इस सुधार का उद्देश्य आम जनता की क्रय शक्ति बढ़ाना, निवेश को प्रोत्साहित करना और देश की अर्थव्यवस्था को लंबे समय तक मजबूती प्रदान करना है। उद्योग जगत के अनुसार, यह निर्णय न केवल मौजूदा दबाव को कम करेगा बल्कि भविष्य में आर्थिक विकास और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा देगा।
