Gold Prices in India: सोने की कीमतें फिर पहुंचीं ₹1,00,555 पर, अमेरिकी आंकड़ों से मचा बाजार में नया तूफान

Gold Prices in India: पिछले हफ्ते भारत में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,00,555 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई थी। हालांकि शुक्रवार को यह गिरकर करीब 97,700 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। लेकिन अमेरिकी रोजगार आंकड़ों में कमजोरी के कारण शनिवार को इसकी कीमतों में दोबारा तेजी देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में स्पॉट गोल्ड की कीमत इस हफ्ते के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई थी और लगातार तीन सप्ताह से इसमें गिरावट चल रही थी। इसी गिरावट के चलते लोगों की खरीदारी में रुचि बढ़ी है और भारत समेत कई एशियाई बाजारों में सोने की मांग में सुधार देखने को मिला है।
भारत में फिर बढ़ी मांग
रॉयटर्स की रिपोर्ट में पुणे के एक जौहरी के हवाले से बताया गया कि इस हफ्ते ग्राहक पहले से ज्यादा दुकान पर आए। लोग सिर्फ दाम पूछ ही नहीं रहे थे बल्कि छोटे पैमाने पर खरीदारी भी कर रहे थे। भारतीय डीलर्स ने इस हफ्ते आधिकारिक घरेलू मूल्य पर 7 डॉलर प्रति औंस तक की छूट दी जो पिछले हफ्ते 15 डॉलर प्रति औंस थी। इसमें 6% आयात शुल्क और 3% बिक्री शुल्क शामिल होता है। मुंबई के एक निजी बैंक के बुलियन व्यापारी ने बताया कि सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में गिरावट के बाद जौहरी अपने स्टॉक को बढ़ाने के इच्छुक थे लेकिन रुपये की कमजोरी ने इस गिरावट का पूरा फायदा नहीं होने दिया।
एशिया के बाकी देशों में भी बढ़ी खरीदारी
केवल भारत ही नहीं बल्कि चीन में भी सोने की मांग में तेजी आई है। वहां डीलरों ने अंतरराष्ट्रीय दरों के मुकाबले सोने की कीमत में $4.2 की छूट से लेकर $12 प्रति औंस के प्रीमियम तक रखा। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार Hugo Pascal जो InProved में गोल्ड ट्रेडर हैं उन्होंने कहा कि चीन इस गिरावट का पूरा फायदा उठा रहा है। शंघाई गोल्ड एक्सचेंज पर शुक्रवार को 11 टन सोने की ट्रेडिंग हुई जो बढ़ती दिलचस्पी को दिखाता है। हांगकांग में भी सोना $1.50 प्रति औंस के प्रीमियम पर बेचा गया जबकि सिंगापुर में यह $1.40 और जापान में $0.60 के प्रीमियम पर बिक रहा है।
निवेश के तौर पर सोना अब भी पहली पसंद
जापान के एक व्यापारी ने रॉयटर्स को बताया कि कीमत में थोड़ी गिरावट के बावजूद लोगों ने खूब खरीदी की। जापान और अमेरिका के बीच ट्रेड डील होने के बावजूद लोग सोने को एक सुरक्षित संपत्ति के रूप में ही देख रहे हैं क्योंकि ब्याज दरें अब भी काफी कम हैं। इसलिए लोग सोने में निवेश करना पसंद कर रहे हैं ताकि भविष्य में किसी भी अनिश्चितता से निपटा जा सके। यही कारण है कि कीमतों में उतार चढ़ाव के बावजूद सोने की मांग में स्थिरता बनी हुई है और आने वाले दिनों में भी इसी तरह की स्थिति बनी रह सकती है।