Yogi Adityanath की PM मोदी से मुलाकात के बाद यूपी कैबिनेट में बड़ा फेरबदल संभव

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आधे घंटे तक चली बैठक संपन्न हो गई है। इस बैठक में दोनों नेताओं ने प्रदेश और केंद्र के मामलों पर गहन चर्चा की। बैठक के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रधानमंत्री आवास से सीधे बाहर निकल गए। इस बैठक के बाद आज दोपहर 3:30 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मुलाकात करेंगे। यह सभी बैठकें ऐसे समय में हो रही हैं जब उत्तर प्रदेश में कैबिनेट विस्तार को लेकर व्यापक चर्चा जोरों पर है। प्रदेश की राजनीतिक स्थितियों को देखते हुए यह बैठकें बेहद अहम मानी जा रही हैं।
उत्तर प्रदेश में कैबिनेट विस्तार की तैयारी
Yogi Adityanath की वर्तमान कैबिनेट में कुल 54 मंत्री हैं, जिनमें से 6 पद अभी खाली हैं। 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद दो और मंत्री, जितेन्द्र प्रसाद और अनूप प्रधान, को केंद्र में मंत्री बनाया गया, जिससे राज्य कैबिनेट में और अधिक खाली पद बन गए। अब यह माना जा रहा है कि राज्य के पूर्व अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को नई कैबिनेट में जगह दी जा सकती है। इसके अलावा कई मौजूदा मंत्रियों को पार्टी संगठन में स्थानांतरित किया जा सकता है, जबकि संगठन से कुछ नए चेहरे सरकार में शामिल किए जा सकते हैं। यह बदलाव पार्टी की आगामी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, ताकि चुनावों के पहले एक मजबूत टीम तैयार की जा सके।
Chief Minister of Uttar Pradesh, Shri @myogiadityanath, met Prime Minister @narendramodi.@CMOfficeUP pic.twitter.com/N0CuzsTSXo
— PMO India (@PMOIndia) January 5, 2026
मंत्रियों के पोर्टफोलियो में विस्तार की संभावना
कुछ मंत्रियों के विभागों में विस्तार किया जा सकता है और उन्हें स्वतंत्र प्रभार भी दिया जा सकता है। नए चेहरे विभिन्न बोर्डों और निगमों में भी जगह पा सकते हैं। खास तौर पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है, क्योंकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्य पार्टी अध्यक्ष दोनों ही पूर्वी यूपी से आते हैं। हाल ही में ब्राह्मण विधायकों की बैठक भी कैबिनेट विस्तार में प्रभावी मानी जा रही है। इसके चलते माना जा रहा है कि ब्राह्मण समुदाय के कई विधायक भी नई कैबिनेट में शामिल हो सकते हैं।
2027 विधानसभा चुनावों की तैयारी में कैबिनेट का गठन
2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए पार्टी की प्राथमिकता एक ऐसी मजबूत टीम का निर्माण करना है, जो पूरे प्रदेश में पार्टी की पकड़ को और मजबूत कर सके। इस बार विशेष ध्यान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नेताओं को कैबिनेट में शामिल करने पर दिया जा रहा है ताकि इस क्षेत्र के मतदाताओं को भी संतुष्ट किया जा सके। पार्टी संगठन और सरकार के बीच तालमेल बढ़ाने के लिए कई मंत्रियों के स्थानांतरण की भी संभावना है। योगी सरकार इस कैबिनेट विस्तार के माध्यम से न केवल प्रशासनिक सुधार करना चाहती है बल्कि आगामी चुनावों के लिए रणनीतिक तैयारी भी कर रही है।
