Digital Fraud: RBI और सरकार भी हिल गए! 2500 करोड़ का डिजिटल स्कैम, गुरुग्राम महिला से ठगे 5.85 करोड़

Digital Fraud: भारत तेजी से डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है, लेकिन इसके साथ ही डिजिटल धोखाधड़ी के मामले भी चौंकाने वाली रफ्तार से बढ़ रहे हैं। धोखेबाज अब अत्याधुनिक तकनीकी तरीकों का इस्तेमाल कर लोगों को जाल में फंसा रहे हैं और करोड़ों रुपये की ठगी कर रहे हैं। सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) लगातार कदम उठा रहे हैं, लेकिन चुनौतियां बनी हुई हैं। आम लोगों को जागरूक करने और उन्हें सुरक्षा उपायों से लैस करने की जरूरत और भी ज्यादा महसूस हो रही है।
गुरुग्राम की महिला से करोड़ों की ठगी
हाल ही में गुरुग्राम की एक महिला “डिजिटल अरेस्ट” नामक स्कैम का शिकार हुई और उसने अपनी मेहनत की कमाई से ₹5.85 करोड़ गवां दिए। सितंबर 2024 में ठगों ने खुद को कानून प्रवर्तन एजेंसी का अधिकारी बताकर महिला को वीडियो कॉल किया। नकली आईडी दिखाकर उन्होंने धमकी दी कि महिला और उसके बेटे को जेल भेज दिया जाएगा। डर के मारे महिला ने पहले दिन ₹2.8 करोड़ और अगले दिन लगभग ₹3 करोड़ उनके बताए खातों में भेज दिए। यह घटना दिखाती है कि डर का माहौल बनाकर किस तरह लोग बड़ी ठगी का शिकार हो रहे हैं।

बैंक कर्मचारियों की संलिप्तता और सरकारी चिंता
कई मामलों में बैंक कर्मचारियों की संलिप्तता भी सामने आई है। बेंगलुरु के एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के कर्मचारी प्रताप केसरी प्रधान को हैदराबाद साइबरक्राइम पुलिस ने गिरफ्तार किया। उस पर आरोप है कि उसने ठगों के लिए फर्जी खाते खोले और उनकी डिटेल्स व्हाट्सऐप पर साझा कीं। इन घटनाओं ने सरकार और RBI की चिंता और बढ़ा दी है। 27 जनवरी 2025 को RBI प्रमुख संजय मल्होत्रा ने बैंक सीईओ के साथ बैठक में इस मुद्दे पर गंभीर चिंता जताई। अनुमान है कि पिछले दो वर्षों में डिजिटल स्कैम्स के जरिए लगभग ₹2,500 करोड़ की ठगी हो चुकी है।
जागरूकता ही है सबसे बड़ा बचाव
विशेषज्ञों का मानना है कि धोखेबाज अक्सर डर और भ्रम की स्थिति पैदा करके लोगों को फंसाते हैं। इसलिए जरूरी है कि लोग सतर्क रहें और समझें कि कोई भी सरकारी एजेंसी फोन कॉल पर कार्रवाई की धमकी नहीं देती। साइबर फ्रॉड की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर फ्रॉड हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। साथ ही, हर बैंक ट्रांजैक्शन की जानकारी पाने के लिए एसएमएस और ईमेल अलर्ट हमेशा एक्टिव रखें। डिजिटल युग में सुरक्षित रहने के लिए जागरूकता और सावधानी ही सबसे बड़ा हथियार है।
