Defence Stocks Rally: भारत-फ्रांस डिफेंस डील के बाद डिफेंस स्टॉक्स में शुक्रवार को 9 प्रतिशत तक उछाल

Defence Stocks Rally: बीते हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को डिफेंस सेक्टर के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली। डेटा पैटर्न्स (इंडिया) और भारत डायनेमिक्स (BDL) जैसे प्रमुख डिफेंस स्टॉक्स ने दिन के ट्रेडिंग में 3 से 9 प्रतिशत तक का उछाल दर्ज किया। डेटा पैटर्न्स (इंडिया) के शेयर 9 प्रतिशत की बढ़त के साथ 3,190 रुपये के उच्चतम स्तर तक पहुंचे, जबकि भारत डायनेमिक्स के शेयर 3.14 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,314.55 रुपये पर बंद हुए। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तेजी के पीछे राफेल फाइटर जेट को लेकर भारत और फ्रांस के बीच हुए नए करार की खबर मुख्य वजह रही।
भारत और फ्रांस के बीच डिफेंस सहयोग
भारत और फ्रांस के बीच डिफेंस सेक्टर में सहयोग का नया दौर शुरू होने की पुष्टि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अपने तीन दिन के भारत दौरे में की। रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों देश मिलकर हेलीकॉप्टर, राफेल जेट, पनडुब्बियां और मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर तैयार करेंगे। फ्रांस ने भारत को सबमरीन बेचने की संभावना पर भी संकेत दिया। यह डील भारत के डिफेंस इंडस्ट्री को नई तकनीक और उत्पादन क्षमता देने वाली है। निवेशकों के लिए यह संकेत है कि डिफेंस सेक्टर में भविष्य में और भी बड़े प्रोजेक्ट्स देखने को मिल सकते हैं।

राफेल जेट डील और डिफेंस एक्विजिशन
डिफेंस शेयरों में तेजी का एक और बड़ा कारण भारत की डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) से मिली मंजूरी है। इसमें 3.25 लाख करोड़ रुपये की डील में 114 राफेल जेट की खरीद का जिक्र है। यह कदम भारत के एयर डिफेंस सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। इस फैसले से देश की रक्षा उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और रक्षा क्षेत्र में स्थानीय निवेश को बढ़ावा मिलेगा। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इससे लंबी अवधि में डिफेंस शेयरों में और मजबूती आएगी।
वैश्विक तनाव और डिफेंस शेयरों की तेजी
डिफेंस सेक्टर में तेजी में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का भी योगदान है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को न्यूक्लियर डील पर निर्णय लेने के लिए 10-15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। इस बीच, अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन और तीन युद्धपोत मध्य पूर्व में तैनात किए गए। रूस और ईरान के बीच हुई मिलिट्री डील ने भी वैश्विक सुरक्षा परिस्थितियों को और जटिल कर दिया है। इस तरह के वैश्विक तनावों में डिफेंस शेयरों की मांग बढ़ जाती है, जिससे निवेशकों के लिए यह सेक्टर आकर्षक बन गया है।
