कच्चा तेल $100 के नीचे: पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद से बाजार को राहत

पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच अब हालात में संभावित सुधार के संकेत मिल रहे हैं, जिसका असर सीधे वैश्विक तेल बाजार पर दिखाई दिया है। 1 अप्रैल को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई और ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे फिसल गया। इसी तरह WTI क्रूड में भी करीब 4% की गिरावट देखने को मिली, जिससे निवेशकों को राहत मिली है।
दोपहर के कारोबार में ब्रेंट क्रूड लगभग 99.88 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि WTI क्रूड करीब 97.17 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। यह गिरावट इस बात का संकेत है कि बाजार अब युद्ध के जोखिम को पहले के मुकाबले कम आंक रहा है और निवेशकों का भरोसा धीरे-धीरे लौट रहा है।
तनाव में कमी की उम्मीद के पीछे कई कूटनीतिक संकेत जिम्मेदार हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिका जल्द ही ईरान के साथ अपने सैन्य तनाव को कम कर सकता है। वहीं मसूद पेजेशकियन ने भी शांति की इच्छा जताई है, हालांकि उन्होंने भविष्य की सुरक्षा को लेकर ठोस गारंटी की मांग रखी है। इन बयानों ने बाजार में सकारात्मक माहौल बनाया है।
हालांकि, जमीनी स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य अब भी पूरी तरह से सुचारू नहीं है, जिससे तेल और गैस की सप्लाई पर दबाव बना हुआ है। इस वजह से कई देशों में ईंधन की कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं।
तेल की कीमतों में नरमी का असर शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। भारत में BPCL, HPCL और IOC जैसी तेल कंपनियों के शेयरों में तेजी आई। वहीं वैश्विक बाजारों में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में तनाव और कम होता है, तो कच्चे तेल की कीमतों में और गिरावट आ सकती है। इसका सीधा फायदा आम लोगों को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में राहत के रूप में मिल सकता है। फिलहाल बाजार इस उम्मीद पर टिका है कि पश्चिम एशिया में शांति की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
