Baramulla MP अब हाजिर हो सकते हैं संसद में, कोर्ट ने दी अनुमति, यात्रा खर्च पर फैसला बाद में होगा

पटियाला हाउस कोर्ट ने Baramulla MP अब्दुल राशिद शेख, जिन्हें इंजीनियर राशिद के नाम से भी जाना जाता है, को 18वीं लोक सभा के छठे सत्र में भाग लेने की अनुमति दी है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रशांत शर्मा की अदालत ने यह अनुमति दी और कहा कि यह पिछले नियमों के तहत दी जा रही है। अदालत ने यह भी कहा कि यात्रा व्यय कौन भरेगा, इस पर बाद में फैसला किया जाएगा, जो दिल्ली हाईकोर्ट में लंबित अपील पर निर्भर करेगा।
इंजीनियर राशिद ने कोर्ट से पैरोल की मांग की थी
इससे पहले बुधवार को पटियाला हाउस कोर्ट ने बारामुल्ला सांसद की संसद सत्र में भाग लेने के लिए हिरासत पैरोल की याचिका पर आदेश सुरक्षित रखा था। राशिद फिलहाल एनआईए द्वारा दर्ज आतंकवादी मामले में हिरासत में हैं। सांसद ने सत्र में भाग लेने के लिए अंतरिम जमानत या हिरासत पैरोल बिना किसी खर्च के मांगी थी। संसद का यह सत्र 1 दिसंबर से शुरू हो रहा है।

यात्रा खर्च का अनुमान और न्यायिक स्थिति
पुलिस ने बताया कि सांसद की संसद यात्रा के दौरान दैनिक खर्च लगभग ₹1.45 लाख आ सकता है, जो उन्हें भुगतान करना होगा। मार्च 2025 में दिल्ली हाईकोर्ट ने बजट सत्र के दौरान संसद यात्रा की अनुमति देते हुए स्पष्ट किया था कि राशिद को यात्रा और अन्य व्यवस्थाओं का खर्च स्वयं वहन करना होगा, जब वह राज्य हिरासत में हों। न्यायमूर्ति भम्भानी ने कहा कि राशिद से केवल जेल से संसद और वापसी की यात्रा का खर्च ही लिया जा सकता है, जो वाजिब है।
लंबी हिरासत और मामले का इतिहास
इंजीनियर राशिद 2019 से तिहाड़ जेल में हैं। यह मामला आठ साल पुराना आतंक वित्त पोषण मामला है। उन्हें 2017 में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के संस्थापक हाफिज सईद और अन्य अलगाववादी नेताओं के खिलाफ एनआईए मामले में गिरफ्तार किया गया था। मार्च 2022 में दिल्ली की विशेष एनआईए अदालत ने उनके खिलाफ आरोप तय किए। सांसद की हिरासत के बावजूद अब उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमति दी गई है, जो कानूनी और राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
