टेक्नॉलॉजी

UPI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ स्कैम और धोखाधड़ी की घटनाएं भी बढ़ीं

UPI (Unified Payment Interface) भारत में डिजिटल भुगतान का सबसे आसान और लोकप्रिय तरीका बन गया है। इसके इस्तेमाल से पैसे भेजना और प्राप्त करना बहुत तेज़ और सुविधाजनक हो गया है। लेकिन इसके साथ ही साइबर अपराधियों के लिए धोखाधड़ी के नए तरीके भी बढ़ रहे हैं। हाल ही में एक नया Jumped Deposit Scam तेजी से फैल रहा है। इस स्कैम में यदि आप अपने UPI PIN को थोड़ी भी लापरवाही से दर्ज कर देते हैं, तो आपका पूरा बैंक खाता खाली हो सकता है।

Jumped Deposit Scam कैसे होता है?

इस धोखाधड़ी में अपराधी सबसे पहले आपके खाते में 200 या 300 रुपये जैसी छोटी राशि ट्रांसफर करते हैं। इसे देखकर आप सोचते हैं कि यह किसी और का गलत लेन-देन है। इसके बाद धोखेबाज आपसे संपर्क करते हैं और कहते हैं कि पैसा गलती से आपके खाते में आया है, इसे वापस करें। इस दौरान वे आपको Collect Request भेजते हैं या किसी फेक लिंक/QR कोड का इस्तेमाल करते हैं। जैसे ही आप डर कर अपना UPI PIN दर्ज करते हैं, आप वास्तव में पैसा वापस नहीं कर रहे होते, बल्कि अपना पैसा धोखेबाज के खाते में भेज देते हैं।

UPI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ स्कैम और धोखाधड़ी की घटनाएं भी बढ़ीं

लोग इस जाल में क्यों फंसते हैं?

इस धोखाधड़ी में कई मनोवैज्ञानिक चालाकियाँ शामिल हैं। सबसे पहले अपराधी भरोसा बनाने के लिए थोड़ी राशि भेजते हैं, जिससे आपको लगता है कि वे असली यूज़र हैं। फिर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाया जाता है जैसे “पैसा गलती से भेज दिया, तुरंत वापस करें।” अचानक पैसे आने से लोग जिज्ञासा और जल्दबाजी में आकर बिना सोचे UPI PIN दर्ज कर देते हैं। कई यूज़र यह गलत समझते हैं कि PIN केवल बैलेंस देखने के लिए होता है, जबकि वास्तव में यह भुगतान को अनुमति देने के लिए होता है।

साइबर अपराधियों की तकनीकें भी भिन्न होती हैं। वे फेक कलेक्ट रिक्वेस्ट भेजते हैं, QR कोड या लिंक के माध्यम से तुरंत पैसे ट्रांसफर करवा लेते हैं, भावनात्मक कहानियों का सहारा लेते हैं और कुछ मामलों में Remote Access Trojan (RAT) जैसी मैलवेयर से मोबाइल को कंट्रोल कर लेते हैं।

खुद को कैसे बचाएं?

यदि आपके खाते में अचानक पैसा आ जाए, तो तुरंत बैंक से संपर्क करें। हमेशा याद रखें कि UPI PIN दर्ज करना मतलब भुगतान को अनुमति देना है, बैलेंस देखने के लिए नहीं। किसी भी शंका की स्थिति में सीधे बैंक या UPI ऐप के आधिकारिक सपोर्ट से संपर्क करें। धोखेबाज आपको जल्दी निर्णय लेने के लिए दबाव डालते हैं, इसलिए शांत होकर सोचें। तुरंत बैंक, UPI ऐप और साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।

एनपीसीआई (National Payments Corporation of India) ने भी स्पष्ट किया है कि कोई भी भुगतान सिर्फ ऐप खोलने से स्वचालित रूप से अनुमोदित नहीं होता। कोई बाहरी व्यक्ति सीधे आपके खाते से पैसा नहीं निकाल सकता। लेन-देन केवल PIN दर्ज करने के बाद ही होता है और यह पूरी तरह से यूज़र-कंट्रोल्ड प्रक्रिया है।

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