WhatsApp Tips: व्हाट्सएप इस्तेमाल करते समय कानूनी सावधानियां, जानें क्या करना है जरूरी और क्या नहीं

WhatsApp Tips: आज के समय में व्हाट्सएप हमारे जीवन का अहम हिस्सा बन गया है। दोस्तों और परिवार के साथ चैट करना, फोटो और वीडियो शेयर करना या कॉल करना – सब कुछ इसी ऐप के जरिए होता है। हालांकि, कभी-कभी लोग बिना सोचे समझे ऐसे काम कर देते हैं जिन्हें कानून की नजर में अपराध माना जाता है। ऐसे मामलों में छोटी-सी गलती भी जेल तक पहुंचा सकती है। इसलिए यह जानना जरूरी है कि व्हाट्सएप पर क्या करना सुरक्षित है और क्या नहीं।
फेक न्यूज़ और अफवाहें फैलाना गंभीर अपराध बन सकता है
व्हाट्सएप पर मैसेज फॉरवर्ड करना आम बात है, लेकिन अगर मैसेज में अफवाहें, घृणा फैलाने वाली बातें या गलत जानकारी शामिल हो, तो यह आपको मुश्किल में डाल सकता है। भारत में फेक न्यूज़ फैलाना IT एक्ट और IPC की विभिन्न धाराओं के तहत दंडनीय है। यदि आपका फॉरवर्ड किया गया संदेश किसी की भावनाओं को ठेस पहुँचाता है, दंगा भड़काता है या किसी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाता है, तो पुलिस कार्रवाई कर सकती है। कई मामलों में लोग सिर्फ मैसेज फॉरवर्ड करने के कारण गिरफ्तार भी हो चुके हैं। इसलिए किसी भी संदेश को साझा करने से पहले उसकी सत्यता और स्रोत जरूर जांच लें।
आपत्तिजनक फोटो और वीडियो भेजना भी कानूनन गलत है
कुछ लोग मजाक के नाम पर आपत्तिजनक, अश्लील या संवेदनशील फोटो और वीडियो भेज देते हैं। यह साइबर अपराध की श्रेणी में आता है। बिना अनुमति किसी को निजी कंटेंट भेजना, किसी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने के उद्देश्य से फोटो या वीडियो साझा करना, या अश्लील सामग्री फैलाना गंभीर अपराध हैं। IT एक्ट की धारा 67 के तहत ऐसे मामलों में न केवल जेल की सजा हो सकती है, बल्कि भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है। इसलिए किसी भी फोटो या वीडियो को साझा करने से पहले हमेशा इजाज़त और कानूनी निहितार्थ को ध्यान में रखें।
धमकियां देना और सतर्क रहने के उपाय
अगर कोई व्यक्ति व्हाट्सएप का इस्तेमाल किसी को डराने, धमकाने या ब्लैकमेल करने के लिए करता है, तो यह IPC की कई धाराओं के तहत दंडनीय है। अक्सर लोग गुस्से या निराशा में ऐसे संदेश भेज देते हैं, लेकिन इसके परिणाम गंभीर हो सकते हैं। किसी भी धमकी भरे, हिंसक या मानहानिकारक मैसेज से सीधे पुलिस केस बन सकता है। इसलिए व्हाट्सएप इस्तेमाल करते समय हमेशा याद रखें कि हर मैसेज, फोटो या वीडियो डिजिटल साक्ष्य के रूप में दर्ज हो सकता है। संदेश भेजने से पहले सोचें, अनजाने लिंक और संदिग्ध सामग्री से दूर रहें, और किसी भी संवेदनशील जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि जरूर करें।
