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Ajit Pawar के विमान हादसे में visibility थी बेहद कम, जांच जारी

महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री Ajit Pawar के मध्य आकार के बिजनेस जेट को बुधवार सुबह 8:44 बजे दुर्घटना से ठीक एक मिनट पहले लैंडिंग की मंजूरी मिली थी। यह विमान लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया और उसमें सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यह जानकारी बरामती हवाई अड्डे के एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) अधिकारी के बयान के आधार पर साझा की है। मंत्रालय के अनुसार, इस लैंडिंग को विजुअल मेटियॉरोलॉजिकल कंडीशंस (वीएमसी) के तहत अनुमति दी गई थी, जिसका मतलब है कि रनवे पर दृश्यता इतनी थी कि पायलट को अपनी आंखों और अनुभव के आधार पर विमान को नियंत्रित करना था।

घटना के समय की स्थिति और एटीसी का विवरण

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बताया कि विमान के चालक दल ने हवा की दिशा और दृश्यता की जानकारी मांगी थी, जिसके जवाब में उन्हें बताया गया कि हवा शांत है और दृश्यता लगभग 3000 मीटर है। इसके बाद विमान ने रनवे 11 पर अंतिम अप्रोच की सूचना दी, लेकिन पायलट को रनवे दिखाई नहीं दिया। पहले प्रयास में, विमान ने गो-अराउंड किया, यानी लैंडिंग का प्रयास रोककर पुनः चक्कर लगाया। इसके बाद एटीसी ने विमान से स्थिति पूछी तो पायलट ने पुनः अंतिम अप्रोच की सूचना दी। पायलट से कहा गया कि जब रनवे दिखाई दे तो सूचित करें। कुछ ही सेकंड बाद पायलट ने बताया कि रनवे दिखाई देने लगा है। इसके बाद लैंडिंग की अनुमति दे दी गई, लेकिन पायलट ने इसका स्पष्ट जवाब नहीं दिया। इसके कुछ ही समय बाद, सुबह 8:44 बजे, एटीसी ने रनवे 11 के बाएं ओर आग की लपटें देखीं, जहां विमान के मलबे का पता चला।

नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू का दुख व्यक्त

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि अजीत पवार के निधन से महाराष्ट्र को एक बड़ा झटका लगा है। उन्होंने अजीत पवार को एक कुशल और प्रिय नेता बताया, जिनका जाना पूरे राज्य के लिए अपूरणीय क्षति है। मंत्री ने कहा कि दुर्घटना की पूरी जांच पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ की जाएगी। उन्होंने बताया कि विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की टीमें घटनास्थल पर पहुंच चुकी हैं और जांच जारी है।

दुर्घटना के समय की खराब दृश्यता और लैंडिंग की समस्या

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि हादसे के वक्त, सुबह 8:48 बजे, विमान की लैंडिंग के दौरान दृश्यता बहुत कम थी। पहले प्रयास में विमान सफलतापूर्वक लैंड नहीं कर पाया। दुर्घटना इसी दूसरे लैंडिंग प्रयास के दौरान हुई। पायलट ने पहले प्रयास में रनवे नहीं देखा था, जिसके कारण गो-अराउंड किया गया। इस दौरान खराब दृश्यता और रनवे पर सही नजर न आने की वजह से नियंत्रण खो जाने की संभावना जताई जा रही है। अब जांच एजेंसियां दुर्घटना के पीछे के कारणों को विस्तार से समझने के लिए घटनास्थल से मलबा और तकनीकी सबूत जुटा रही हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

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