Urfi Javed ने धर्म छोड़ने का किया खुलासा, फैजान अंसारी के दावों को ठुकराया

हाल के दिनों में बॉलीवुड और सोशल मीडिया की चर्चित अभिनेत्री और इन्फ्लुएंसर Urfi Javed को उनके धर्म और पहचान को लेकर खूब ट्रोल किया जा रहा है। इस मामले ने काफी जोर पकड़ लिया है जब सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर फैजान अंसानी ने दावा किया कि उर्फी को मुसलमानों ने इस्लाम से बाहर कर दिया है और उनका नाम बदलकर गीता भारद्वाज कर दिया गया है। फैजान का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने उर्फी के खिलाफ कड़ी बाते कहीं हैं और उनके धर्म को लेकर सवाल उठाए हैं। इस पर उर्फी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है और फैजान के दावों को पूरी तरह खारिज किया है।
उर्फी जावेद ने फैजान के दावों को किया खारिज
उर्फी जावेद ने इन आरोपों और फैजान के दावों को बकवास बताते हुए साफ कर दिया कि वे खुद काफी पहले ही धर्म छोड़ चुकी हैं। उन्होंने आईएएएस से बातचीत में कहा कि वे किसी धर्म को नहीं मानती हैं और खुद को नास्तिक मानती हैं। उर्फी ने कहा, “मैं कोई धर्म नहीं मानती। मैं नास्तिक हूं। तो आप मुझे कहां से निकालेंगे? जिसे कहीं होना ही नहीं है, उसे आप कहां से निकालेंगे।” उन्होंने नाम बदलने की बात पर भी विरोध जताया और कहा कि ऐसा कोई भी मामला या रिपोर्ट नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये सब बातें सोशल मीडिया पर कुछ लोगों द्वारा गलत तरीके से फैलाई जा रही हैं।
फैजान अंसारी ने उठाए थे गंभीर आरोप
सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर फैजान अंसारी ने वीडियो के जरिए आरोप लगाया था कि उर्फी जावेद मुसलमानों के समुदाय का अपमान कर रही हैं और इस वजह से मुसलमानों ने उन्हें इस्लाम से बाहर निकालने का फैसला किया है। फैजान ने कहा, “उर्फी एक ऐसी लड़की है, जो सिर्फ भारत में नहीं बल्कि पूरी दुनिया में मुसलमानों का नाम खराब कर रही है। वह खुद कहती है कि उसे कुरान और इस्लाम पर विश्वास नहीं है।” फैजान ने यह भी दावा किया कि हर मुसलमान उर्फी को गाली देता है क्योंकि उन्होंने समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर उर्फी की छवि को प्रभावित किया है और उनके खिलाफ विवाद खड़ा कर दिया है।
धर्म और पहचान पर उर्फी का स्पष्ट रुख
इस पूरे विवाद के बीच उर्फी जावेद ने अपने धर्म और पहचान को लेकर बहुत साफ रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि वे किसी भी धर्म की बंदिशों में बंधना नहीं चाहतीं और स्वतंत्रता से अपनी पहचान बनाना चाहती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि धर्म का नाम लेकर लोगों का एक-दूसरे को बांटना गलत है और इसे आगे बढ़ाना भी सही नहीं है। उर्फी का कहना है कि हर व्यक्ति को अपनी पसंद और विश्वास के अनुसार जीने का अधिकार है। उन्होंने अपने फैन्स से भी अपील की है कि वे इस तरह के नकारात्मक संदेशों पर ध्यान न दें और अपनी पहचान को लेकर मजबूत बने रहें। इस विवाद ने सोशल मीडिया पर धर्म और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के मुद्दे पर फिर से बहस छेड़ दी है।
