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तुर्किए ने ईरान के खिलाफ मिडिल ईस्ट में सक्रिय भूमिका निभाने का इरादा जताया

तुर्किए ने हाल ही में ईरान और इजरायल के बीच चल रहे मिडल ईस्ट झगड़े में ईरान के खिलाफ सक्रिय भूमिका निभाने का इरादा जाहिर किया है। हाल ही में तुर्किए की सेना ने कथित तौर पर भूमध्य सागर में एक ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल को मार गिराया, जिससे अंकारा की भूमिका और भी स्पष्ट हो गई। यह कदम तुर्किए की सैन्य क्षमताओं और उसकी रणनीतिक महत्वाकांक्षा को उजागर करता है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान के साथ टकराव की स्थिति में तुर्किए की सेना की ताकत को जानना बेहद जरूरी हो गया है।

ग्लोबल रैंकिंग और एयर पावर

ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स 2026 के अनुसार तुर्किए दुनिया की नौवीं सबसे ताकतवर सेना के रूप में दर्ज है। बीते दस वर्षों में अंकारा ने अपनी सेना को मॉडर्न बनाने में भारी निवेश किया है। इसमें एडवांस्ड टेक्नोलॉजी, देसी हथियार निर्माण और मजबूत एयरफोर्स पर विशेष ध्यान दिया गया। तुर्किए के सबसे बड़े फायदे में इसकी एयर पावर शामिल है। देश के पास मॉडर्न F-16 फाइटर जेट का बड़ा बेड़ा है, जो सटीक हमले, लंबी दूरी के ऑपरेशन और एयर सुपीरियोरिटी मिशन में सक्षम है। इसके अलावा तुर्किए ने अपने ड्रोन वारफेयर सिस्टम को भी काफी मजबूत किया है, जिनका प्रयोग सीरिया, लीबिया और कॉकेशस में किया गया।

तुर्किए ने ईरान के खिलाफ मिडिल ईस्ट में सक्रिय भूमिका निभाने का इरादा जताया

जमीनी सेना और आधुनिक टैंक

तुर्किए की जमीनी सेना भी बेहद मजबूत और अनुभवी है। देश के पास लगभग 2284 टैंक हैं, जिनमें एडवांस्ड लेपर्ड 2 और स्वदेशी अल्टे मेन बैटल टैंक शामिल हैं। इन टैंकों का सपोर्ट मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री, आर्टिलरी सिस्टम और एडवांस्ड बैटलफील्ड कम्युनिकेशन नेटवर्क देता है। तुर्किए की सेना में लगभग 3,55,000 सक्रिय सैनिक हैं, जो इसे इस इलाके की सबसे बड़ी प्रोफेशनल मिलिट्री में से एक बनाते हैं। इसके सैनिक कई रीजनल कॉन्फ्लिक्ट जोन जैसे सीरिया और इराक में ऑपरेशन में शामिल रहे हैं और काफी अनुभवी माने जाते हैं।

ईरान की तुलना में ताकत

सैनिकों की संख्या के मामले में ईरान तुर्किए से आगे है। ईरान के पास 6,10,000 सक्रिय सैनिक हैं, जो तुर्किए से लगभग दोगुने हैं। लेकिन टेक्नोलॉजी, एयर पावर और वेस्टर्न डिफेंस सिस्टम में तुर्किए ईरान से काफी आगे है। इसके अलावा नाटो में तुर्किए की मेंबरशिप इसे आर्टिकल 5 के तहत कलेक्टिव डिफेंस का लाभ भी देती है। मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच तुर्किए की आधुनिक और अनुभवी सेना इसे क्षेत्रीय ताकतवर बनाती है, जबकि ईरान की बड़ी संख्या वाली सेना इसे किसी भी बड़े संघर्ष में चुनौतीपूर्ण विकल्प बनाती है।

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