WhatsApp Passkey फीचर से लॉगिन सिस्टम पूरी तरह बदल जाएगा OTP खत्म

व्हाट्सऐप ने अपने यूजर्स के लिए एक नया और बेहद सुरक्षित फीचर पेश किया है जिसे पासकी (Passkey) कहा जाता है। इस फीचर की मदद से अब यूजर्स को बार-बार OTP डालने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अब लॉगिन के समय यूजर अपने फोन के फिंगरप्रिंट, फेस अनलॉक या पिन के जरिए सीधे व्हाट्सऐप में एंट्री कर सकता है। यह फीचर लॉगिन प्रोसेस को तेज, आसान और ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए डिजाइन किया गया है।
OTP और Passkey में क्या है बड़ा अंतर जानिए पूरा फर्क
OTP यानी वन टाइम पासवर्ड एक कोड होता है जो SMS के जरिए यूजर के मोबाइल पर भेजा जाता है। यूजर को इस कोड को मैन्युअली दर्ज करना होता है और यह कुछ समय बाद एक्सपायर हो जाता है। वहीं दूसरी ओर पासकी में किसी भी तरह का कोड नहीं आता। इसमें यूजर सीधे अपने डिवाइस के सिक्योरिटी सिस्टम जैसे फिंगरप्रिंट या फेस अनलॉक का इस्तेमाल करके लॉगिन कर सकता है। इस कारण यह तरीका OTP की तुलना में ज्यादा तेज और सुविधाजनक माना जा रहा है।

सिक्योरिटी के मामले में Passkey क्यों माना जा रहा है ज्यादा सुरक्षित विकल्प
सुरक्षा के लिहाज से पासकी को OTP से कहीं अधिक मजबूत माना जा रहा है। OTP को कई बार हैकर्स फिशिंग या सिम स्वैप जैसे तरीकों से चुरा सकते हैं, जिससे अकाउंट खतरे में पड़ सकता है। लेकिन पासकी में बायोमेट्रिक डेटा का इस्तेमाल होता है, जैसे फिंगरप्रिंट या फेस रिकग्निशन, जिन्हें कॉपी या हैक करना लगभग नामुमकिन होता है। इसलिए यह फीचर यूजर्स को एक अतिरिक्त सुरक्षा लेयर प्रदान करता है।
Passkey से मिलेगा फास्ट लॉगिन अनुभव OTP अभी भी रहेगा जरूरी विकल्प
WhatsApp का यह नया पासकी फीचर यूजर एक्सपीरियंस को काफी बेहतर बनाएगा क्योंकि इससे लॉगिन प्रक्रिया तेज और आसान हो जाएगी। हालांकि OTP अभी भी एक जरूरी विकल्प रहेगा, खासकर तब जब यूजर नया डिवाइस इस्तेमाल करता है या अपना बैकअप रिस्टोर करता है। कुल मिलाकर पासकी फीचर आधुनिक सुरक्षा और सुविधा का संतुलन पेश करता है, जिससे डिजिटल लॉगिन सिस्टम और भी स्मार्ट बन जाएगा।
