IPL में गेंद बदलने का नया नियम 10 ओवर बाद खेल को करेगा रोमांचक

आईपीएल का नया सीजन 28 मार्च से शुरू होने जा रहा है। क्रिकेट फैंस अब बड़े रोमांच की तैयारी में हैं। इसी बीच बीसीसीआई ने मैच में बॉल बदलने के लिए एक नया नियम लागू कर दिया है। इस नियम का मकसद खेल में अतिरिक्त रोमांच और निष्पक्षता बनाए रखना है। नए नियम के तहत गेंदबाजी टीम को 10 ओवर पूरे होने के बाद बॉल बदलने का अधिकार मिलेगा। इसके बारे में टीमों को पहले ही जानकारी दे दी गई है और खिलाड़ियों को इसे समझना जरूरी है।
बॉल बदलने का नियम और प्रक्रिया
बीसीसीआई के अनुसार मैच के दौरान अगर बॉल कहीं ऐसी जगह चली जाती है, जहां से वापस नहीं आ सकती या अंपायर को लगे कि बॉल खराब हो गई है, तो अंपायर अंतिम फैसला लेंगे। उदाहरण के लिए, जब बल्लेबाज छक्का लगाता है और बॉल स्टेडियम के बाहर चली जाती है, तो इस नियम के तहत बॉल बदली जा सकती है। नई बॉल वही होगी जैसी मैच शुरू होने पर खेली जा रही थी। बॉल बदलने के बाद अंपायर कप्तान, गेंदबाजी टीम और बल्लेबाज को पूरी जानकारी देंगे। इससे खेल में पारदर्शिता बनी रहेगी और किसी भी टीम को नुकसान नहीं होगा।

दूसरी पारी में 10 ओवर के बाद बॉल बदली जाएगी
नए नियम के तहत दूसरी पारी में गेंदबाजी टीम अंपायर से बॉल बदलने का अनुरोध कर सकती है, लेकिन यह 10 ओवर पूरे होने के बाद ही किया जा सकेगा। इसका मतलब है कि बीच ओवर बॉल नहीं बदली जा सकती। यह नियम केवल शाम के मैचों में लागू होगा, यानी दिन में खेले जाने वाले मैचों में बॉल बदलने की सुविधा नहीं होगी। बीसीसीआई का कहना है कि ओवर खत्म होने के बाद बॉल बदलने का निर्णय खेल में संतुलन बनाए रखने और ओस के कारण होने वाली असुविधा को कम करने के लिए किया गया है।
पिछले साल से इस नियम में बदलाव
पिछले साल भी यह नियम लागू था, लेकिन इस बार इसमें एक अहम बदलाव किया गया है। इस बार गेंदबाजी टीम चाहे तो 10 ओवर के बाद बॉल बदलने के लिए अंपायर से कह सकती है और अंपायर को इसे अनिवार्य रूप से बदलना होगा। ओस का होना या न होना इस नियम पर असर नहीं डालेगा। नई बॉल उसी तरह की होगी, जैसी पहले खेली जा रही थी। इस नियम से खेल में रणनीति बदल सकती है और बल्लेबाजों के लिए भी अतिरिक्त चुनौती पैदा होगी। फैंस इस नए नियम को लेकर काफी उत्साहित हैं और मुकाबलों में इसका असर देखने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
