सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट का बड़ा रहस्य: जानिए निवेशकों की चिंताजनक वजहें

भारतीय घरेलू शेयर बाजार ने सप्ताह के पहले कारोबारी दिन यानी 16 मार्च को कमजोरी का सामना किया. प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी 50 दोनों ने दिन की शुरुआत लाल निशान पर की. कारोबारी दिन के दौरान सेंसेक्स अपने दिन के उच्चतम स्तर से करीब 800 अंक तक फिसल गया. निफ्टी 23,000 अंक के आसपास कारोबार करते हुए कमजोर मूड दिखा. निवेशकों ने घरेलू बाजार में भरोसा कम किया और बिकवाली का रुख अपनाया.
वैश्विक बाजारों से मिले नकारात्मक संकेत
सप्ताह की शुरुआत में एशियाई शेयर बाजारों का प्रदर्शन कमजोर रहा. दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225 और चीन का शंघाई एसएसई कंपोजिट इंडेक्स सभी गिरावट के साथ खुले. इससे पहले शुक्रवार को अमेरिकी बाजार भी कमजोर बंद हुए थे. वैश्विक बाजारों में आई इस कमजोरी ने भारतीय निवेशकों के मनोबल पर असर डाला. विशेषज्ञों के मुताबिक, निवेशक वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और बाजार की अस्थिरता को देखते हुए सतर्क हो गए हैं.

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और उसके प्रभाव
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने के कारण वैश्विक स्तर पर तेल की सप्लाई लगभग 20 प्रतिशत प्रभावित हुई है. इससे कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली. सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में 1 प्रतिशत की तेजी आई और यह लगभग 104.2 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई. भारत जैसे तेल आयातक देशों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है. महंगे तेल ने कंपनियों की लागत बढ़ाई और बाजार में नकारात्मकता फैलाई, जिससे निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ.
विदेशी निवेशक और रुपया दबाव में
भारतीय बाजार में कमजोरी का एक बड़ा कारण विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली भी रही. एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार शुक्रवार को विदेशी निवेशकों ने लगभग 10,716.64 करोड़ रुपये के शेयर बेचे. मार्च महीने में अब तक वे करीब 56,883 करोड़ रुपये की निकासी कर चुके हैं. विदेशी निवेशकों की बिकवाली और ऊंची कच्चे तेल की कीमतों ने रुपये पर भी दबाव डाला. सोमवार को रुपया लगभग 13 पैसे टूटकर 92.43 प्रति डॉलर पर पहुंच गया. करेंसी कमजोर रहने से शेयर बाजार में निवेशकों का मनोबल प्रभावित हुआ और बाजार दबाव में दिखा.
