Election Commission ने घोषित की 2026 विधानसभा चुनाव की तारीखें और नॉमिनेशन की अंतिम तारीख

देश में 2026 में बड़े चुनावी मुकाबले का आगाज होने जा रहा है। चुनाव आयोग ने इस साल होने वाले पांच विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया है। पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में मतदान होंगे। चुनाव की तारीखों के साथ उम्मीदवारों के नॉमिनेशन और वोटिंग चरणों की घोषणा भी कर दी गई है। इन राज्यों में चुनाव कई चरणों में संपन्न होंगे और सभी का परिणाम 4 मई 2026 को घोषित किया जाएगा। इससे पहले मतदाता सूची को अंतिम रूप दिया गया है और चुनावी तैयारियों का काम तेज कर दिया गया है।
चरणवार वोटिंग और चुनावी कार्यक्रम
पश्चिम बंगाल में दो चरणों में मतदान होगा। पहला चरण 23 अप्रैल और दूसरा चरण 29 अप्रैल को होगा। असम, केरल, पुडुचेरी और तमिलनाडु में एक ही चरण में वोटिंग होगी। असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि तमिलनाडु में 23 अप्रैल को वोटिंग होगी। नॉमिनेशन की अंतिम तिथि पश्चिम बंगाल में पहले चरण के लिए 6 अप्रैल और दूसरे चरण के लिए 9 अप्रैल रखी गई है। अन्य राज्यों में नॉमिनेशन की आखिरी तारीख 23 मार्च या 6 अप्रैल निर्धारित की गई है। सभी राज्यों के चुनावों का परिणाम 4 मई को घोषित किया जाएगा।

मौजूदा सरकारों का कार्यकाल और विधानसभा सीटों का विवरण
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि असम में मौजूदा सरकार का कार्यकाल 20 मई 2026 को समाप्त होगा। इसी प्रकार केरल में 23 मई, पुडुचेरी में 15 जून, तमिलनाडु में 10 मई और पश्चिम बंगाल में 7 मई को कार्यकाल पूरा हो रहा है। असम में 126, केरल में 140, पुडुचेरी में 30, तमिलनाडु में 234 और पश्चिम बंगाल में 294 विधानसभा सीटों पर चुनाव होंगे। इससे स्पष्ट है कि इस साल के विधानसभा चुनावों का राजनीतिक परिदृश्य बहुत महत्वपूर्ण रहेगा और सभी पार्टियां इस चुनाव को लेकर पूरी तरह सक्रिय हो चुकी हैं।
चुनाव आयोग की तैयारियां और वोटर संख्या
चुनाव आयोग ने मतदान की व्यवस्था के लिए करीब 15 लाख पोलिंग स्टाफ, 8.5 लाख सुरक्षा कर्मी, 49 हजार माइक्रो ऑब्जर्वर्स, 1,444 ऑब्जर्वर्स, 40 हजार काउंटिंग अफसर और 21 हजार सेक्टर ऑफिसर्स तैनात किए हैं। वोटर सूची के अनुसार पश्चिम बंगाल में 6.44 करोड़, तमिलनाडु में 5.67 करोड़, केरल में 2.7 करोड़, असम में 2.25 करोड़ और पुडुचेरी में 9.44 लाख मतदाता हैं। कोर्ट के आदेश के बाद आने वाली पूरक वोटर सूची को भी अंतिम सूची में शामिल किया जाएगा। इस प्रकार चुनाव आयोग हर राज्य में सुरक्षित और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए व्यापक तैयारियों में जुटा हुआ है।
