TCS Salary Hike: TCS कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, अगले महीने से लागू होगी सैलरी इंक्रीमेंट की योजना

TCS Salary Hike: देश की सबसे बड़ी आईटी सेवा प्रदाता कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने अपने कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर दी है। कंपनी ने अपने अधिकांश कर्मचारियों को सितंबर 2025 से वेतन वृद्धि (Salary Hike) देने का ऐलान किया है। यह जानकारी बुधवार को कंपनी के आंतरिक मेमो के माध्यम से दी गई। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब हाल ही में कंपनी ने 12,000 कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा की थी, जिस पर कर्मचारी संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई थी। पहले कंपनी ने वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए वेतन वृद्धि पर रोक लगाने की बात कही थी, लेकिन अब यह निर्णय कर्मचारियों के लिए एक राहत साबित हो सकता है।
80 प्रतिशत कर्मचारियों की सैलरी बढ़ेगी
TCS के मुख्य मानव संसाधन अधिकारी (CHRO) मिलिंद लक्कड़ और CHRO डेजिग्नेटेड के. सुदीप ने बुधवार को कर्मचारियों को एक ईमेल भेजकर बताया कि वेतन वृद्धि 1 सितंबर 2025 से प्रभावी होगी। इस वेतन वृद्धि का लाभ कंपनी के लगभग 80 प्रतिशत कर्मचारियों को मिलेगा। यह कदम उस समय उठाया गया है जब कंपनी “भविष्य के लिए संगठन को तैयार करने” की रणनीति के तहत अपने कर्मचारियों की संख्या में कटौती कर रही है।
TCS का कहना है कि यह कदम प्रतिभाशाली कर्मचारियों को बनाए रखने और उन्हें उचित इनाम देने के लिए उठाया गया है। कंपनी आने वाले समय में तकनीकी निवेश, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की तैनाती, बाजार विस्तार और कार्यबल पुनर्गठन पर ध्यान केंद्रित करने जा रही है, जिसके तहत यह वेतन वृद्धि एक अहम हिस्सा है।
कर्मचारियों के लिए राहत की खबर
TCS में एक ग्रेड स्ट्रक्चर होता है, जिसकी शुरुआत ‘Y’ ग्रेड से होती है, जो ट्रेनी स्तर पर होता है। इसके बाद कर्मचारी C1, C2, C3, C4, C5, B और अंततः CXO स्तर तक जाते हैं। हाल ही में जब छंटनी की खबर सामने आई थी, तब बाजार विश्लेषकों ने अनुमान लगाया था कि बचे हुए कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि की जा सकती है। अब कंपनी के इस कदम से कर्मचारियों को यह संकेत मिल रहा है कि उनके काम की सराहना की जा रही है और उन्हें बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।
TCS के इस फैसले से कर्मचारियों के मनोबल में इजाफा होगा, साथ ही उन लोगों के लिए भी सकारात्मक संकेत है जो हाल ही में अनिश्चितता का सामना कर रहे थे। यह कदम कंपनी और कर्मचारियों दोनों के लिए संतुलन बनाने की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास माना जा रहा है।
अन्य कंपनियों पर भी पड़ सकता है असर
TCS द्वारा उठाया गया यह कदम आईटी सेक्टर की अन्य कंपनियों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है। विश्लेषकों का मानना है कि अन्य बड़ी कंपनियां भी इसी तरह के फैसले ले सकती हैं, खासकर ऐसे समय में जब वे कार्यबल का पुनर्गठन कर रही हैं और तकनीक में निवेश बढ़ा रही हैं।
इस कदम से यह स्पष्ट हो गया है कि कंपनियां अब सिर्फ लागत में कटौती नहीं बल्कि टैलेंट को बनाए रखने और उन्हें प्रोत्साहित करने की दिशा में भी कदम उठा रही हैं। आने वाले समय में यह देखने लायक होगा कि TCS के इस निर्णय का बाकी आईटी इंडस्ट्री पर क्या प्रभाव पड़ता है।