Tata Group Shares: टाटा संस बोर्ड मीटिंग में चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल पर फैसला

Tata Group Shares: टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस 24 फरवरी को बोर्ड मीटिंग बुला रही है। इस मीटिंग में कंपनी के डायरेक्टर्स मौजूदा चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल को मंजूरी देने पर विचार कर सकते हैं। फरवरी 2027 में उनका मौजूदा कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इस फैसले का असर टाटा ग्रुप की बड़ी कंपनियों के फाइनेंशियल और ऑपरेशनल परफॉर्मेंस पर भी पड़ेगा।
चंद्रशेखरन का पहले से अनुभव और नेतृत्व
एन. चंद्रशेखरन ने पहली बार 21 फरवरी 2017 को टाटा संस के चेयरमैन का पद संभाला था। 2022 में उनका कार्यकाल फिर से बढ़ाया गया था। अब बोर्ड इस जरूरी लीडरशिप रिव्यू पर ध्यान देगा, क्योंकि यह टाटा समूह की भविष्य की स्ट्रैटेजी को आकार देने में अहम भूमिका निभाएगा। मीटिंग में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और एयर इंडिया जैसी बड़ी कंपनियों का प्रदर्शन रिव्यू करने की संभावना है।

टाटा ग्रुप के इतिहास में लंबी सेवा का रिकॉर्ड
अगर बोर्ड मीटिंग में चंद्रशेखरन का तीसरा कार्यकाल मंजूर हो जाता है, तो वह टाटा ग्रुप के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले चेयरमैनों में शामिल हो जाएंगे। इससे पहले जमशेदजी टाटा ने 36 साल, जेआरडी टाटा ने 52 साल और रतन टाटा ने 23 साल तक समूह की जिम्मेदारियां संभालीं। इस तरह का लंबा अनुभव टाटा ग्रुप के लिए रणनीतिक और स्थिर नेतृत्व सुनिश्चित करता है।
रिटायरमेंट पॉलिसी में संभावित ढील
प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर 62 साल के चंद्रशेखरन की आयु सीमा में ढील दी जा सकती है। पिछले साल ही टाटा संस के सबसे बड़े शेयरहोल्डर टाटा ट्रस्ट्स ने उनके कार्यकाल को आगे बढ़ाने की सिफारिश की थी। इस निर्णय का असर समूह की नई परियोजनाओं और निवेश योजनाओं पर भी होगा, जिससे टाटा ग्रुप की दीर्घकालिक विकास योजनाओं को मजबूती मिल सकती है।
